नेमरा में CM हेमंत का भावुक संबोधन: बोले- दिशोम गुरु का संघर्ष आने वाली पीढ़ियों को देता रहेगा प्रेरणा



RAMGARH

दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पहली पुण्यतिथि पर नेमरा में आयोजित श्रद्धांजलि समारोह के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भावुक नजर आए। शिबू सोरेन की प्रतिमा का अनावरण करने के बाद उन्होंने कहा कि आज का दिन उनके परिवार, पूरे झारखंड और देश के आदिवासी, दलित तथा पिछड़े समाज के लिए मन को भारी कर देने वाला है। उन्होंने दिशोम गुरु को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका संघर्ष और विचार आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणास्रोत बने रहेंगे।

‘दिशोम गुरु सिर्फ जननेता नहीं, अस्मिता और अधिकारों के प्रतीक थे’

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन केवल एक जननेता नहीं थे, बल्कि झारखंड सहित पूरे देश में आदिवासी समाज की अस्मिता, स्वाभिमान और अधिकारों के सबसे बड़े प्रतीक थे। उन्होंने जल, जंगल और जमीन की रक्षा के साथ आदिवासी-मूलवासी पहचान तथा सामाजिक न्याय की लड़ाई को जनआंदोलन का स्वरूप दिया। झारखंड राज्य के निर्माण के लिए उन्होंने अपना पूरा जीवन संघर्ष और जनसेवा को समर्पित कर दिया।

वंचितों की आवाज को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया

हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा की स्थापना कर दिशोम गुरु ने वंचितों, शोषितों, किसानों, मजदूरों और आम लोगों की आवाज को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का काम किया। उन्होंने शिक्षा, सामाजिक जागरूकता, सम्मानजनक जीवन, लोकतांत्रिक अधिकार और समावेशी विकास के माध्यम से हजारों-लाखों लोगों के जीवन में नई उम्मीद जगाई।

झारखंड से निकलकर पूरे देश के लिए बने प्रेरणा

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिशोम गुरु का संघर्ष केवल झारखंड तक सीमित नहीं रहा। सामाजिक न्याय, संवैधानिक अधिकारों और जनसरोकारों की राजनीति में उनका योगदान पूरे देश के लिए प्रेरणा है। प्राकृतिक संसाधनों पर स्थानीय समुदायों के अधिकार और आदिवासी समाज की भागीदारी को लेकर उनकी सोच आज भी उतनी ही प्रासंगिक है।

पद्म भूषण से सम्मानित दिशोम गुरु को किया नमन

मुख्यमंत्री ने कहा कि पद्म भूषण से सम्मानित दिशोम गुरु शिबू सोरेन का जीवन संघर्ष, सामाजिक न्याय और जनसेवा का पर्याय था। उन्होंने कहा कि उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों का मार्गदर्शन करती रहेगी और उनके विचार सदियों तक समाज को प्रेरित करते रहेंगे। समारोह के अंत में मुख्यमंत्री ने दिशोम गुरु को शत-शत नमन करते हुए उनके सपनों का झारखंड बनाने का संकल्प दोहराया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *