RANCHI
रांची में भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की ओर से आयोजित छोटानागपुर स्तरीय जन आक्रोश जत्था शनिवार को संपन्न हो गया। यह कार्यक्रम झारखंड राज्य कमिटी के तत्वावधान में आयोजित किया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया।
जत्थे की शुरुआत सिलागाई स्थित शहीद वीर बुधु भगत की प्रतिमा पर माल्यार्पण और संकल्प के साथ की गई। इसके बाद यह जत्था सिलागाई चौक, चानहो ब्लॉक चौक, बिजूपाड़ा चौक, मांडर चौक, बांबे चौक, काठीटांड़ चौक, शहीद सुभाष मुंडा चौक (दलादली), धुर्वा सेक्टर-2 स्थित राजेंद्र भवन मैदान और टुपूदाना चौक होते हुए सतरंजी चौक पहुंचा, जहां एक विशाल सभा का आयोजन किया गया।
केंद्र की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी
जत्थे के दौरान कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।
प्रदर्शन के दौरान “किसान-मजदूर विरोधी नीतियां नहीं चलेंगी”, “चार लेबर कोड वापस लो”, “एमएसपी की कानूनी गारंटी दो” और “जल-जंगल-जमीन की रक्षा करो” जैसे नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।
कार्यक्रम के माध्यम से 24 मार्च को दिल्ली में आयोजित होने वाली जन आक्रोश रैली को ऐतिहासिक बनाने का संकल्प भी लिया गया।
लेबर कोड और विधेयकों पर उठाए सवाल
सभा को संबोधित करते हुए माकपा केंद्रीय कमिटी सदस्य और सीटू के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुदीप दत्ता ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लाए गए चार लेबर कोड और नए बीज व बिजली विधेयक किसान और मजदूरों के हितों के खिलाफ हैं।
उन्होंने कहा कि ये नीतियां मजदूर वर्ग और किसानों के अधिकारों को कमजोर करने वाली हैं। साथ ही उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी अपनी राय रखते हुए ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों की आलोचना की और कहा कि इससे वैश्विक शांति को खतरा है।
स्थानीय मुद्दों पर भी सरकार को घेरा
सीटू के राज्य उपाध्यक्ष भवन सिंह ने कहा कि रांची नगर निगम में कार्यरत दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के नियमितीकरण में जानबूझकर देरी की जा रही है, जो श्रमिकों के हितों के खिलाफ है।
उन्होंने एचईसी की मौजूदा स्थिति के लिए भी केंद्र सरकार की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया।
सभा को राज्य सचिव मंडल सदस्य और झारखंड राज्य किसान सभा के महासचिव सुफल महतो, समीर दास, विश्वजीत देव, सुखनाथ लोहरा, प्रफुल्ल लिंडा, हरेंद्र सिंह और सुरेश मुंडा सहित कई नेताओं ने संबोधित किया।
वक्ताओं ने कहा कि बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और निजीकरण की नीतियों से आम जनता परेशान है। झारखंड की खनिज संपदा और आदिवासियों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष तेज करने की जरूरत है।
बड़ी संख्या में कार्यकर्ता हुए शामिल
इस अवसर पर राज्य कमिटी सदस्य बीणा लिंडा, मदुवा कच्छप, अमल आजाद, सुधांशु शेखर, किसान नेता ललित मुंडा, नौजवान सभा के जिला सचिव कपिल महतो, प्रतीक मिश्रा, हरेंद्र यादव, अमित मुंडा, बुधराम उरांव, सीमा केरकेट्टा, आसरिता, सिमंती कुमारी, बेंजामिन कुजूर, महेश मुंडा, नारियल होरो, छोटन देवी, संतु लिंडा, जुगनुयुस तीड़ू और कृपा खलखो सहित सैकड़ों स्थानीय लोग और पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे। इसकी जानकारी माकपा के रांची पश्चिम जिला सचिव प्रफुल्ल लिंडा ने दी।
