London / Ranchi
लंदन प्रवास के दौरान झारखंड सरकार के प्रतिनिधिमंडल के लिए आज एक नई और महत्वपूर्ण शुरुआत हुई। दिन की पहली बैठक शिक्षा एवं कौशल विकास पर केंद्रित एक उच्चस्तरीय राउंडटेबल संवाद के रूप में आयोजित की गई, जिसमें भविष्य की जरूरतों के अनुरूप मानव संसाधन तैयार करने को लेकर गहन विचार-विमर्श हुआ।
नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने इस मौके पर अपनी मौजूदगी के बारे में बताते हुए कहा, इस संवाद में यूनाइटेड किंगडम के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों, स्किलिंग संगठनों, अवार्डिंग बॉडीज़ और विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक के दौरान युवा कौशल विकास, अप्रेंटिसशिप, उद्योग-संबद्ध शिक्षा, पर्यटन एवं हॉस्पिटैलिटी स्किल्स, अंतरराष्ट्रीय प्रमाणन और वैश्विक रोजगार अवसरों जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि किस प्रकार झारखंड के युवाओं को वैश्विक मानकों के अनुरूप कौशल, व्यावहारिक प्रशिक्षण और अंतरराष्ट्रीय अवसरों से जोड़ा जा सकता है। अप्रेंटिसशिप मॉडल, वोकशनल एक्सीलेंस, यूनिवर्सिटी पार्टनरशिप और भविष्य-उन्मुख शिक्षा प्रणाली को राज्य के लिए महत्वपूर्ण दिशा के रूप में रेखांकित किया गया।
प्रतिनिधियों ने इस बात पर सहमति जताई कि शिक्षा को सीधे रोजगार से, कौशल को अवसर से और स्थानीय प्रतिभा को वैश्विक मंच से जोड़ने की रणनीति झारखंड के युवाओं के लिए नए रास्ते खोल सकती है। यह संवाद राज्य की उस दीर्घकालिक सोच को मजबूती देता है, जिसमें युवाओं को केवल शिक्षित ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
माननीय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के मार्गदर्शन में अबुआ सरकार द्वारा युवा शक्ति को भविष्य के लिए तैयार करने की दिशा में यह पहल एक महत्वपूर्ण और दूरगामी कदम मानी जा रही है, जिससे आने वाले समय में झारखंड के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नए अवसर मिल सकेंगे।
