संयुक्त शोध, पाठ्यक्रम और अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन पर बनी सहमति
RANCHI
लंदन स्थित साउथेम्प्टन विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने गुरुवार को झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयूजे) का दौरा किया और दोनों संस्थानों के बीच शैक्षणिक सहयोग को लेकर समझौता ज्ञापन (MoU) की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की।
साउथेम्प्टन विश्वविद्यालय के आधिकारिक प्रतिनिधि प्रोफेसर साबू एस. पद्मदास ने इस विषय पर सीयूजे के कुलपति प्रोफेसर क्षिति भूषण दास से मुलाकात की। उनके साथ प्रोफेसर प्रकाश कंदल भी मौजूद थे, जो वर्तमान में साउथेम्प्टन विश्वविद्यालय के इंडिया स्टडी सेंटर में आईसीसीआर चेयर प्रोफेसर हैं और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, नई दिल्ली से भी संबद्ध हैं।
बैठक का परिणाम सकारात्मक रहा। दोनों पक्ष सामाजिक रूप से प्रासंगिक संयुक्त अनुसंधान परियोजनाओं, शिक्षण कार्यक्रमों के विकास और नीति-निर्माण से जुड़े अकादमिक सहयोग पर साथ काम करने पर सहमत हुए। झारखंड के परिप्रेक्ष्य में जनजातीय स्वास्थ्य और शिक्षा पर एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित करने की संभावना पर भी सैद्धांतिक सहमति बनी।
इस दौरान इस बात पर भी चर्चा हुई कि शैक्षणिक गतिविधियों को समाज और राष्ट्र की जरूरतों से जोड़ते हुए क्रियात्मक लक्ष्यों के साथ आगे बढ़ाया जाएगा। साथ ही नीति निर्माताओं के लिए उपयोगी संयुक्त पाठ्यक्रम, शोध कार्यक्रम और झारखंड के आदिवासी समुदायों के उत्थान से जुड़ी नीतियों के विकास पर सहयोग की दिशा तय की गई। दोनों विश्वविद्यालयों ने यथाशीघ्र MoU को अंतिम रूप देने पर सहमति जताई।
सीयूजे के कुलपति प्रोफेसर क्षिति भूषण दास ने साउथेम्प्टन विश्वविद्यालय के प्रतिनिधियों के दौरे पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान मजबूत कर रहा है और झारखंड-केंद्रित कार्योन्मुखी लक्ष्यों के साथ विश्व के अग्रणी विश्वविद्यालयों से सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है।
बैठक में सीयूजे के रजिस्ट्रार के. कोसला राव, डीन (अकादमिक) प्रो. मनोज कुमार, डीन (अनुसंधान एवं विकास) प्रो. अरुण कुमार पाधी, डीन (मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान) डॉ. आलोक कुमार गुप्ता, मानव विज्ञान विभाग से डॉ. रजनीकांत पाण्डेय सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। बैठक की रूपरेखा राजनीति विज्ञान एवं लोक प्रशासन विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. संजय अग्रवाल ने तैयार की।
क्यूएस रैंकिंग के अनुसार, साउथेम्प्टन विश्वविद्यालय विश्व के शीर्ष 100 विश्वविद्यालयों में शामिल है और यूनाइटेड किंगडम के प्रमुख अनुसंधान-केंद्रित सार्वजनिक विश्वविद्यालयों में से एक माना जाता है।
