पेपर लीक और परीक्षा में भ्रष्टाचार के खिलाफ झारखंड में प्रदर्शन, भूख हड़ताल के समर्थन में उतरे संगठन

पेपर लीक एवं परीक्षा व्यवस्था में भ्रष्टाचार के खिलाफ व आइसा केन्द्रीय अध्यक्ष नेहा, मनीष और आमीन के भूख हड़ताल के समर्थन में झारखंड में प्रदर्शन

विशद कुमार

राजधानी रांची के अल्बर्ट एक्का चौक पर भाकपा (माले), ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा), ऐपवा तथा विभिन्न छात्र, युवा, सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों ने पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था में भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के माध्यम से जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के समर्थन में पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी तथा आइसा केन्द्रीय अध्यक्ष नेहा, मनीष और आमीन की भूख हड़ताल के प्रति एकजुटता व्यक्त की गई। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, NTA को भंग करने तथा पारदर्शी, जवाबदेह और भ्रष्टाचार-मुक्त परीक्षा व्यवस्था लागू करने की मांग की।

सभा को संबोधित करते हुए भाकपा (माले) झारखंड राज्य सचिव मनोज भक्त ने कहा कि लगातार हो रहे पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार ने देश के करोड़ों छात्रों-युवाओं के भविष्य को संकट में डाल दिया है। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्रों और सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला है। सरकार दमन का रास्ता छोड़कर छात्रों की मांगों को स्वीकार करे, धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाए तथा एक विश्वसनीय और जवाबदेह परीक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करे।

ऐपवा नेता नंदिता भट्टाचार्य ने कहा कि शिक्षा के सवाल पर आवाज़ उठाने वाले छात्रों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का दमन लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि सरकार को आंदोलनकारियों के साथ संवाद करना चाहिए, न कि गिरफ्तारी और दमन का सहारा लेना चाहिए। शिक्षा को भ्रष्टाचार और निजीकरण से मुक्त कराने की लड़ाई में ऐपवा छात्र-युवा आंदोलन के साथ मजबूती से खड़ी है।

आइसा झारखंड के राज्य उपाध्यक्ष विजय कुमार ने कहा कि NTA की विफलता और लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों ने परीक्षा प्रणाली से छात्रों का भरोसा तोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों की मांगें पूरी तरह न्यायसंगत हैं। सरकार को तत्काल धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा लेना चाहिए, NTA को भंग कर पारदर्शी और जवाबदेह परीक्षा प्रणाली लागू करनी चाहिए तथा छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बंद करना चाहिए।

आइसा झारखंड की राज्य सह सचिव संजना मेहता ने कहा कि भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों की लगातार अनदेखी और आंदोलन का दमन सरकार की असंवेदनशीलता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा और रोजगार के सवाल पर उठ रही युवाओं की आवाज़ को दबाया नहीं जा सकता। देशभर में छात्र-युवा अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं और यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार नहीं किए जाते।

प्रदर्शन में भाकपा (माले) झारखंड राज्य सचिव मनोज भक्त, केन्द्रीय कमिटी सदस्य शुभेंदु सेन, आइसा झारखंड के पूर्व राज्य अध्यक्ष सोहेल अंसारी, ऐपवा की नंदिता भट्टाचार्य, ऐति तिर्की, शांति सेन, आइसा झारखंड के राज्य उपाध्यक्ष विजय कुमार, राज्य सह सचिव संजना मेहता, आकाश रंजन, सत्य प्रकाश, प्रतिभा, निखिल, सोनू, निशाद, श्वेत कमल सहित स्वतंत्र रूप से बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, शिक्षाविद्, बुद्धिजीवी और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

वहीं राज्य के बोकारो में भी 20 जुलाई को छात्र युवा और माले कार्यकर्ताओं ने उपायुक्त कार्यालय पर किया प्रदर्शन किया।    

 जंतर मंतर पर अनशन कर रहे पर्यावरणविद सोनम वांगचुंग और आइसा के छात्रों के साथ तानाशाही कार्रवाई के खिलाफ आज छात्र युवा के संसद मार्च के समर्थन में भाकपा माले, इंकलाबी नौजवान सभा और छात्र युवाओं ने जिले के बोकारो एयर पोर्ट से लेकर उपायुक्त कार्यालय तक आक्रोश मार्च निकाला।  आक्रोश मार्च में बड़ी संख्या में छात्र युवा और माले कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।

 “छात्रों के सम्मान में पूरा देश मैदान में”‘ “छात्र युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बंद करो” “पेपर लीक के जिम्मेदार धर्मेन्द्र प्रधान इस्तीफा दो” के जोरदार नारों के साथ आक्रोश रैली उपायुक्त कार्यालय पहुंचा जहां घंटों प्रदर्शन किया। उपायुक्त के  माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति के नाम पर ज्ञापन सौंपा गया। जिसमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की मांग किया गया है। अध्यक्षता राज्य कमिटी सदस्य दिलीप तिवारी ने किया जबकि कार्यक्रम का संचालन जे एन सिंह ने किया।  वक्ताओं ने कहा कि पेपर लीक सरकार और सिस्टम में भ्रष्टाचार का सबूत है जिससे छात्रों की संस्थागत हत्या हो रही है। एनटीए की आड़ में देश के छात्र युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बरदास्त नहीं किया जाएगा।

वक्ताओं ने कहा कि छात्र युवा आंदोलन अब धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे तक बल्कि मोदी सरकार के इस्तीफे तक जारी रहेगा।   तानाशाह सरकार को इसकी कीमत कीमत चुकानी पड़ेगी।

छात्र युवा आक्रोश मार्च कार्यक्रम को भाकपा माले राज्य स्थाई कमिटी सदस्य भूवनेश्वर केवट, दिलीप तिवारी राज्य कमिटी  सदस्य, विकास सिंह, सी एस डब्ल्यू के अध्यक्ष मजदूर नेता राजू दुबे, दुलाल प्रामाणिक, छात्र नेता गुलनार निखत, निक्की चौरसिया, फरीना पुष्पा, आकाश बाउरी, राहुल कुमार सकूर अंसारी स्टील  राज केवट, अवनीश कुमार यादव, अजय रविदास राजू महतो, अभिविलाष भगत नेपाल सिंह आदि मुख्य रूप से संबोधित किए।

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