RANCHI
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को झारखंड मंत्रालय में पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने पर्यटन स्थलों के समग्र विकास, खेल अवसंरचना को मजबूत करने, कलाकारों को प्रोत्साहन देने और युवाओं के लिए नई योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य के पर्यटन स्थलों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ा जाए और रोजगार सृजन को ध्यान में रखते हुए योजनाओं को तय समय सीमा में पूरा किया जाए।
नेतरहाट, पतरातू और इको टूरिज्म पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड में इको टूरिज्म की अपार संभावनाएं हैं और इसे योजनाबद्ध तरीके से विकसित करने की आवश्यकता है। उन्होंने नेतरहाट में ग्लास वॉच टावर या ग्लास ब्रिज, कोयल व्यू प्वाइंट पर कॉटेज, ट्रैकिंग और अन्य पर्यटन सुविधाएं विकसित करने की कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। वहीं पतरातू घाटी में व्यू प्वाइंट निर्माण, रोपवे परियोजना को गति देने तथा लोध फॉल समेत अन्य प्राकृतिक स्थलों को इको टूरिज्म हब के रूप में विकसित करने पर भी जोर दिया। साथ ही राज्य की नई पर्यटन नीति तैयार करने और अंडरग्राउंड कोल माइंस क्षेत्रों में पर्यटन की संभावनाओं पर भी काम करने के निर्देश दिए।
खिलाड़ियों के लिए बेहतर व्यवस्था और स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की तैयारी
खेल विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को आर्थिक तंगी का सामना नहीं करना चाहिए। उन्होंने खिलाड़ियों का डेटाबेस तैयार करने, जरूरतमंद खिलाड़ियों के लिए प्रोत्साहन योजनाएं बनाने, खेलगांव की व्यवस्थाओं को बेहतर करने और राज्य में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की स्थापना के लिए कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। साथ ही खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों के लिए दूसरे राज्यों के उत्कृष्ट खेल संस्थानों में एक्सपोजर विजिट कराने पर भी बल दिया।
12 हजार कलाकारों का डेटाबेस, रोजगार पर भी फोकस
मुख्यमंत्री ने कला एवं संस्कृति विभाग को विभिन्न विधाओं से जुड़े कलाकारों का डेटाबेस तैयार करने और उसका सत्यापन कराने के निर्देश दिए। विभाग ने बताया कि अब तक करीब 12 हजार कलाकारों का पंजीकरण किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने कलाकारों के लिए अन्य राज्यों के प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित करने और एक्सपोजर विजिट की व्यवस्था करने को कहा। उन्होंने कहा कि पर्यटन, कला और संस्कृति के विकास से राज्य की पहचान मजबूत होगी और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। बैठक में पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार, मुख्य सचिव अविनाश कुमार सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
