RANCHI
झारखंड में सिविल सेवा की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। राज्य सरकार के अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित ट्राइबल रिसर्च इंस्टीट्यूट (टीआरआई), मोरहाबादी ने JPSC सिविल सेवा परीक्षा 2026 की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए निःशुल्क टेस्ट सीरीज और मार्गदर्शन कार्यक्रम शुरू करने की घोषणा की है। इस पहल का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और प्रतिभाशाली अभ्यर्थियों को गुणवत्तापूर्ण तैयारी का अवसर उपलब्ध कराना है।
परीक्षा पैटर्न पर आधारित होगी टेस्ट सीरीज
कार्यक्रम के तहत अभ्यर्थियों को JPSC प्रारंभिक परीक्षा के स्वरूप पर आधारित नियमित टेस्ट सीरीज उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा यूपीएससी और JPSC परीक्षाओं का अनुभव रखने वाले विशेषज्ञ शिक्षकों द्वारा विशेष कक्षाएं भी संचालित की जाएंगी। इससे अभ्यर्थियों को परीक्षा की बेहतर समझ विकसित करने और अपनी तैयारी को मजबूत बनाने में मदद मिलेगी।
मिलेगा फीडबैक और मॉडल आंसर
इस पहल के तहत छात्रों के प्रदर्शन का नियमित मूल्यांकन किया जाएगा। प्रत्येक टेस्ट के बाद उन्हें विस्तृत फीडबैक, मॉडल उत्तर और प्रश्नों का विश्लेषण उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही समय प्रबंधन, प्रश्न चयन और परीक्षा रणनीति जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विशेष मार्गदर्शन दिया जाएगा, जिससे अभ्यर्थी अपनी कमजोरियों को पहचानकर सुधार कर सकें।
किन अभ्यर्थियों को मिलेगा लाभ?
इस विशेष कार्यक्रम का लाभ मुख्य रूप से अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के उन अभ्यर्थियों को मिलेगा जो वर्ष 2026 में आयोजित होने वाली JPSC प्रारंभिक परीक्षा में शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं। इच्छुक उम्मीदवार गूगल फॉर्म के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया और अन्य आवश्यक जानकारी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराई गई है।
कोचिंग पर निर्भरता होगी कम
विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में आर्थिक बाधाओं को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। महंगी कोचिंग संस्थाओं पर निर्भरता घटाने के साथ यह कार्यक्रम ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों के छात्रों को भी समान अवसर प्रदान करेगा। इससे राज्य के अधिक से अधिक युवा सिविल सेवा जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं में सफलता हासिल कर सकेंगे।
सरकार की यह पहल न केवल प्रतिभाशाली युवाओं को प्रोत्साहित करेगी, बल्कि झारखंड से प्रशासनिक सेवाओं में चयनित उम्मीदवारों की संख्या बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
