BOKARO: पर्यावरण हमारा घर, धड़कन, सांसे, जीवन, इसे टूटने, बिखरने व गंदा होने न दें, अन्यथा सब बिखर जाएंगे…

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पिछले दिनों पर्यावरण संरक्षण गतिविधि बोकारो महानगर के चंद्रशेखर आजाद नगर (राजेंद्र नगर) के सुकाबी फार्म हाउस में पर्यावरण दिवस के अवसर पर चित्रांकन प्रतियोगिता के आलोक में पर्यावरण, प्रदूषण एवं पॉलीथिन के दुष्प्रभाव को लेकर एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर बोकारो महानगर के जितेंद्र चौहान, सरजू गोस्वामी, कमलेश अग्रवाल, सामाजिक कार्यकर्ता विजय प्रकाश तिवारी, विपिन सिंह,राजेंद्र नगर के अध्यक्ष वीरेन्द्र प्रसाद, नवल गुप्ता, झारखंड के मशहूर चित्रकार संतोष कुमार, मुख्य अतिथि के तौर पर रेलवे के सहायक मंडल अभियंता रघुनाथ शर्मा, वरीष्ठ अभियंता (दूरसंचार) चंदन कुमार, सुकबी फार्म हाउस के संरक्षक बी एन सिंह तथा अन्य कई पर्यावरण व चित्रकला प्रेमी वगैरह उपस्थित रहे थे।

मुख्य अतिथि रघुनाथ शर्मा ने बच्चों को NSPC (राष्ट्रिय छात्र पर्यावरण प्रतियोगिता) 2026 में भाग लेकर प्रतियोगिता प्रमाण-पत्र लेने की प्रेरणा दी। उन्होंने बच्चों को चॉकलेट की पन्नी को घर विद्यालय और  अन्य जगह पर इधर उधर नहीं फेक कर डस्टबीन में फेकने की सलाह दी। जिससे घर व विद्यालय आदि का परिसर स्वच्छ रहे।

अवसर पर पौधारोपण किया गया और पौधारोपण के बाद उसकी सेवा और सुरक्षा पर भी बल दिया। सामाजिक कार्यकर्ता विजय प्रकाश ने पॉलीथीन को कम करने के लिए प्लास्टिक की बोतलों में पॉलीथीन जमा कर एकोब्रिक्स बनाने की सलाह दी। साथ ही पेडों की संख्या बढ़ाने के लिए मिट्टी गोबर बीजों के बॉल बना कर बरसात के पहले जंगलों व खाली जगहों में छिड़कने की बात बताई। चौहान ने जल प्रदूषित न हो, इसके कई उपाय बताए, एवम संरक्षण के उपाय बताए। सरजू ने पॉलीथिन की जगह कागज और कपड़े के थैले के प्रचलन को फिर से प्रचलन में लाने की बात बताई। विद्यालय के शिक्षक कमलेश अग्रवाल ने विद्यालय, ऑफिशियल और पारिवारिक स्तर पर पर्यावरण के प्रति जगरूकता पर बल दिया। चित्रकार एवं मंच के संचालक संतोष कुमार ने चित्रांकन के माध्यम से पर्यावरण, प्रदूषण और पॉलीथीन के इस्तेमाल पर उसके दुष्प्रभाव पर प्रकाश डाला। वीरेन्द्र कुमार एवं बी एन सिंह ने बच्चों के मन में पर्यावरण के प्रति इतनी जगरूकता और पर्यावरण के प्रति कार्य करने के लगन को देख कर बच्चों को उत्साहित करते हुए स्वयं भी उनके साथ कार्य करने की खुशी एवं सहमति जाहिर की। अभिवाहक गनों ने भी अपार हर्ष जाहिर करते हुए अपने अपने उद्गार एवं संरक्षण के उपाय बताए। सभी ने पौधा रोपण एवं संरक्षण पर बल दिया।

पर्यावरण संरक्षण गतिविधि के राजेंद्र तिवारी ने विकास की आड़ में हो रहे पेड़ों एवं पहाड़ों की हो रही अंधाधुंध कटाई पर चिंता व्यक्त करते हुए मीडिया व आम जनों में प्राकृतिक प्रकोप एवं खतरे के संकेत दिये। उन्होंने नदी, नालों, तालाबों में घर का कचड़ा एवं गंदे पानी के रिसाव को स्वास्थ्य के लिए हानिकारक एवम विभिन्न तरह के बीमारियों के कारण एवं रोकथाम की बात बताई। पॉलीथीन वर्षा के जल के मार्ग में रूकावट कर बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न कर देते हैं। पॉलीथीन एवं अन्य अनुपयुक्त पदार्थों को इधर उधर न फेंककर डस्टबीन ही फेकने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि पॉलीथीन एवं अन्य रासायनिक कचरे जमीन को जहरीला तो बनाते ही हैं बंजर भी कर देते हैं। हमें जल के अनावश्यक खर्च को रोकना चाहिए। जल अनमोल है इसे फिर से बनाया नहीं जा सकता है। वर्षा के जल को  हर घर में वॉटर हार्वेस्टिंग प्लांट के जरिये संरक्षण और जमाव करनी चाहिए। पर्यावरण के इस मुहिम में सभी का कर्तव्य बनता है कि पर्यावरण के प्रति भी चिंतित रहें एवं बच्चों को भी इसके लिए प्रेरित करें। यह एक आंदोलन होना चाहिए।

 चित्रांकन के पश्चात पुरस्कार वितरण एवं पौधा रोपण का भी कार्य संपन्न हुआ। कार्यक्रम के प्रारंभ लगभग 5 साल की एक बच्ची के द्वारा गणेश स्तुति तथा अन्य स्तुति गायन करते हुए शुरुवात की गई। अवसर पर कहा गया कि पर्यावरण हमारा घर, धड़कन, सांसे, जीवन है, इसे टूटने, बिखरने व गंदा होने न दें, अन्यथा हम सब बिखर जाएंगे।

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