BOI ने नोड्यूज प्रमाण पत्र देने के बाद भी 36 पैसे और 2.25 रुपये का बकाया बताकर 2 बुजुर्गों का खाता किया फ्रीज

VISHAD KUMAR

झारखंड के बोकारो जिला अन्तर्गत कसमार प्रखण्ड के गर्री पंचायत के बनकनारी टोला निवासी 80 वर्षीय इमामुद्दीन अंसारी और इसी पंचायत के तेलमुंगा निवासी 72 वर्षीय देवनाथ गोसांई ने बैंक ऑफ इंडिया की कसमार शाखा से केसीसी ऋण लिया था। जिसके बाद ऋण समझौता शिविर में ऋण चुकता के बाद बैंक ने उन्हें नो ड्यूज प्रमाण पत्र भी दे दिया। दोनों ऋण चुकता के बेफिक्र थे।

 लेकिन अचानक उन्हें पता चला कि उनका खाता फ्रीज हो गया क्योंकि उन्हें पिछले कुछ माह से मिलनेवाली वृद्धावस्था पेंशन पर रोक लग गयी है।

उन्हें बताया गया कि इन दोनों के खाते में 36 पैसा एवं दो रुपये 25 पैसा का क्रेडिट है।

अब जब इन दोनों का बैंक एकाउंट एनपीए होने की वजह से फ्रीज हो गया है। दोनों बार-बार बैंक का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन न तो उनका बैंक एकाउंट चालू हो रहा है और न ही वृद्धावस्था पेंशन मिल पा रहा है।

जानकारी के अनुसार इमामुद्दीन अंसारी ने जो केसीसी ऋण लिया था, उसका समझौता के बाद 19 जुलाई 2022 को नो ड्यूज प्रमाण पत्र मिला। फिर उस खाते में 8 फरवरी 2023 को 36 पैसा क्रेडिट दिखाया जा रहा है। उनके खाते में बकाया इसी 36 पैसा के कारण उनकी परेशानी बढ़ गई है। वहीं तेलमुंगा निवासी देवनाथ गोसाई का भी केसीसी ऋण 7 नवंबर 2017 को ऋण समझौता के बाद उसे भी नो ड्यूज प्रमाण पत्र मिला, लेकिन 15 मार्च 2021 को उसके खाते में अचानक दो रुपये 25 पैसा क्रेडिट दिखाया जा रहा है, जिसके कारण उनका भी खाता एनपीए हो चुका है।

चार साल से दोनों बुजुर्ग बार-बार बैंक का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन इनकी समस्या का हल निकालने में बैंक प्रबंधक या बैंककर्मी दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। दोनों बैंक की तकनीकी व्यवस्था परेशान हैं, क्योंकि नो ड्यूज प्रमाण पत्र मिलने के बावजूद वे दोनों वृद्धावस्था पेंशन से वंचित हो गए हैं। उन्होंने प्रशासन और बैंक के उच्च अधिकारियों से हस्तक्षेप कर इस समस्या का समाधान कराने तथा उनकी पेंशन बहाल करने की मांग की है। गर्री पंचायत के पूर्व मुखिया व झामुमो नेता सिकंदर कपरदार समेत अन्य कई स्थानीय लोगों ने भी मामले को मानवीय दृष्टिकोण से देखते हुए शीघ्र समाधान की मांग की है।

इस बावत जब शाखा प्रबंधक जितेंद्र कुमार से बात की गई तो उन्होंने बताया कि यह मामला चूंकि चार साल पुराना है। वे कुछ दिनों पूर्व ही इस शाखा में योगदान किये हैं। दोनों बुजुर्ग पेंशनधारियों का मामला उनके संज्ञान में आया है। बैंक की किन तकनीकी कारणों से उनका एकाउंट एनपीए हुआ या फ्रिज हुआ, जल्द ही इसका पता कर समस्या का हल निकाल लेंगे।

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