Ranchi
जनवादी लेखक संघ (जलेस) रांची की आभासी सांगठनिक बैठक 7 जून को शाम 7 बजे कुमार बृजेंद्र की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में संगठन के विस्तार, नियमित साहित्यिक गतिविधियों, सदस्यता अभियान और आगामी कार्यक्रमों को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में डॉ. किरण, सुधीर पाल, सुकेशी कर्मकार, अपराजिता मिश्रा, यास्मीन लाल, डॉ. जमशेद कमर, फिरदौस जहां, रामदेव बड़ाइक, एम. जेड. खान समेत कई सदस्य उपस्थित रहे।
संगठन विस्तार और साहित्यिक गतिविधियों पर जोर
बैठक की शुरुआत करते हुए सचिव एम. जेड. खान ने संगठनात्मक मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि पिछले एक वर्ष से लगातार साहित्यिक गतिविधियों के आयोजन के कारण जलेस रांची का दायरा बढ़ा है और नए लेखक संगठन से जुड़ रहे हैं। उन्होंने रांची से सटे जिलों में भी संगठन के विस्तार की संभावनाओं पर काम करने की आवश्यकता बताई।
उन्होंने राज्य कार्यकारिणी की हालिया बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी देते हुए कहा कि जून से नवंबर तक विभिन्न जिलों में आयोजित होने वाले जन महोत्सव में जलेस रांची की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
नियमित कोष और मासिक कार्यक्रमों की जरूरत
अध्यक्ष कुमार बृजेंद्र ने कहा कि वर्ष भर साहित्यिक कार्यक्रमों के सफल आयोजन के लिए नियमित कोष की व्यवस्था आवश्यक है। उन्होंने संगठन को मजबूत बनाने के लिए निरंतर कार्यक्रम आयोजित करने और मासिक गोष्ठियों को प्रभावी बनाने पर बल दिया।
सुधीर पाल ने सुझाव दिया कि मासिक गोष्ठियों में नए रचनाकारों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने 31 जुलाई को प्रेमचंद जयंती मनाने का प्रस्ताव भी रखा। डॉ. किरण ने कार्यक्रमों में निरंतरता बनाए रखने और जलेस झारखंड की पत्रिका ‘उत्तरा’ में रांची इकाई के रचनाकारों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व देने की आवश्यकता जताई।
नई पीढ़ी और नए रचनाकारों को जोड़ने की पहल
यास्मीन लाल ने संगठन से नए रचनाकारों को जोड़ने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि प्रेमचंद जयंती को बड़े स्तर पर मनाया जाना चाहिए, ताकि नई पीढ़ी महान साहित्यकार प्रेमचंद और उनके साहित्यिक योगदान को बेहतर ढंग से समझ सके। अपराजिता मिश्रा ने भी कार्यक्रमों के लिए नियमित आर्थिक संसाधनों की व्यवस्था पर बल दिया।
डॉ. जमशेद कमर, रामदेव बड़ाइक, फिरदौस जहां और छोटनी कुमारी सहित अन्य सदस्यों ने भी संगठन की गतिविधियों को और व्यापक बनाने के सुझाव दिए।
बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय
बैठक में सर्वसम्मति से तय किया गया कि प्रत्येक माह के तीसरे रविवार को मासिक गोष्ठी आयोजित की जाएगी। साहित्यिक विरासत से जुड़े रचनाकारों की जयंती और पुण्यतिथि पर भी कार्यक्रम आयोजित करने का प्रयास किया जाएगा।
इसके अलावा 21 जून को सफदर हाशमी सभागार में रचना गोष्ठी आयोजित करने, 31 जुलाई को प्रेमचंद जयंती मनाने, व्यापक सदस्यता अभियान चलाने तथा खूंटी, गुमला, लोहरदगा और सिमडेगा में जलेस की नई इकाइयों के गठन की संभावनाओं को तलाशने का निर्णय लिया गया।
बैठक में मशहूर उपन्यासकार और पटकथा लेखक Rahi Masoom Raza की जन्म शताब्दी वर्ष के अवसर पर सितंबर में विशेष कार्यक्रम आयोजित करने पर भी विचार किया गया। बैठक का संचालन अपराजिता मिश्रा ने किया, जबकि यास्मीन लाल ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
