CENTRAL DESK
ओडिशा विजिलेंस ने कंधमाल जिले के बालीगुडा स्थित एकीकृत जनजातीय विकास अभिकरण (ITDA) के असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (AEE) बैकुंठ नाथ बेहरा को आय से अधिक संपत्ति रखने के आरोप में गिरफ्तार किया है। विजिलेंस अधिकारियों ने उनके विभिन्न ठिकानों पर व्यापक छापेमारी अभियान चलाया, जिसमें करोड़ों रुपये की संपत्ति और नकदी का खुलासा हुआ। गिरफ्तार इंजीनियर को रविवार को भुवनेश्वर स्थित विजिलेंस के विशेष न्यायालय में पेश किया जाना है।
छापेमारी में सामने आई चौंकाने वाली संपत्ति
विजिलेंस विभाग के अनुसार, तलाशी अभियान के दौरान बैकुंठ नाथ बेहरा के पास से लगभग 2.04 करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए, जिनमें से अधिकांश राशि बैंक लॉकर में रखी गई थी। इसके अलावा करीब 500 ग्राम सोना, 45 लाख रुपये से अधिक की बैंक जमा राशि तथा कई वित्तीय निवेशों का भी पता चला है। अधिकारियों ने बताया कि उनकी पत्नी के नाम पर मौजूद एक अन्य बैंक लॉकर को अभी खोला जाना बाकी है, जिससे और संपत्तियों के सामने आने की संभावना जताई जा रही है।
भुवनेश्वर समेत कई स्थानों पर आलीशान इमारतें और प्लॉट
जांच के दौरान इंजीनियर और उनके परिवार के नाम पर पांच बहुमंजिला इमारतों का पता चला है, जिनका कुल निर्मित क्षेत्र लगभग 20 हजार वर्ग फुट से अधिक बताया गया है। इनमें से चार इमारतें भुवनेश्वर में स्थित हैं। इसके अलावा 13 से 14 मूल्यवान प्लॉट भी मिले हैं, जिनमें से सात प्लॉट राजधानी भुवनेश्वर में स्थित बताए जा रहे हैं। इन संपत्तियों की बाजार कीमत करोड़ों रुपये आंकी जा रही है।
1999 में जूनियर इंजीनियर के रूप में शुरू किया था करियर
विजिलेंस अधिकारियों ने बताया कि बैकुंठ नाथ बेहरा ने वर्ष 1999 में मात्र 6,000 रुपये मासिक वेतन पर जूनियर इंजीनियर (JE) के रूप में सरकारी सेवा शुरू की थी। जांच एजेंसियों का कहना है कि वर्तमान में उनके पास मिली संपत्ति उनकी वैध आय के ज्ञात स्रोतों की तुलना में काफी अधिक है। पूछताछ के दौरान भी वे संपत्ति के स्रोतों को लेकर कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दे सके।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज हुआ मामला
मामले में विजिलेंस सेल पुलिस स्टेशन में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 2018 की संबंधित धाराओं के तहत केस संख्या 4/2026 दर्ज किया गया है। विजिलेंस विभाग अब आरोपी अधिकारी के वित्तीय लेन-देन, निवेश, अचल संपत्तियों और अन्य रिकॉर्ड की गहन जांच कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
2 करोड़ नकद, आलीशान इमारतें और प्लॉट; 7 ठिकानों पर छापेमारी के बाद ITDA इंजीनियर गिरफ्तार
Odisha Vigilance Arrests ITDA Engineer in Disproportionate Assets Case
Vigilance, Corruption, Assets, Engineer, Odisha,
ओडिशा विजिलेंस ने कंधमाल जिले के बालीगुडा स्थित एकीकृत जनजातीय विकास अभिकरण (ITDA) के असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (AEE) बैकुंठ नाथ बेहरा को आय से अधिक संपत्ति रखने के आरोप में गिरफ्तार किया है। विजिलेंस अधिकारियों ने उनके विभिन्न ठिकानों पर व्यापक छापेमारी अभियान चलाया, जिसमें करोड़ों रुपये की संपत्ति और नकदी का खुलासा हुआ। गिरफ्तार इंजीनियर को रविवार को भुवनेश्वर स्थित विजिलेंस के विशेष न्यायालय में पेश किया जाना है।
छापेमारी में सामने आई चौंकाने वाली संपत्ति
विजिलेंस विभाग के अनुसार, तलाशी अभियान के दौरान बैकुंठ नाथ बेहरा के पास से लगभग 2.04 करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए, जिनमें से अधिकांश राशि बैंक लॉकर में रखी गई थी। इसके अलावा करीब 500 ग्राम सोना, 45 लाख रुपये से अधिक की बैंक जमा राशि तथा कई वित्तीय निवेशों का भी पता चला है। अधिकारियों ने बताया कि उनकी पत्नी के नाम पर मौजूद एक अन्य बैंक लॉकर को अभी खोला जाना बाकी है, जिससे और संपत्तियों के सामने आने की संभावना जताई जा रही है।
भुवनेश्वर समेत कई स्थानों पर आलीशान इमारतें और प्लॉट
जांच के दौरान इंजीनियर और उनके परिवार के नाम पर पांच बहुमंजिला इमारतों का पता चला है, जिनका कुल निर्मित क्षेत्र लगभग 20 हजार वर्ग फुट से अधिक बताया गया है। इनमें से चार इमारतें भुवनेश्वर में स्थित हैं। इसके अलावा 13 से 14 मूल्यवान प्लॉट भी मिले हैं, जिनमें से सात प्लॉट राजधानी भुवनेश्वर में स्थित बताए जा रहे हैं। इन संपत्तियों की बाजार कीमत करोड़ों रुपये आंकी जा रही है।
1999 में जूनियर इंजीनियर के रूप में शुरू किया था करियर
विजिलेंस अधिकारियों ने बताया कि बैकुंठ नाथ बेहरा ने वर्ष 1999 में मात्र 6,000 रुपये मासिक वेतन पर जूनियर इंजीनियर (JE) के रूप में सरकारी सेवा शुरू की थी। जांच एजेंसियों का कहना है कि वर्तमान में उनके पास मिली संपत्ति उनकी वैध आय के ज्ञात स्रोतों की तुलना में काफी अधिक है। पूछताछ के दौरान भी वे संपत्ति के स्रोतों को लेकर कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दे सके।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज हुआ मामला
मामले में विजिलेंस सेल पुलिस स्टेशन में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 2018 की संबंधित धाराओं के तहत केस संख्या 4/2026 दर्ज किया गया है। विजिलेंस विभाग अब आरोपी अधिकारी के वित्तीय लेन-देन, निवेश, अचल संपत्तियों और अन्य रिकॉर्ड की गहन जांच कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
