कुड़माली भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग तेज, 2 माह में फैसला नहीं तो आर्थिक नाकेबंदी

 

RANCHI

रांची। बृहद झारखंड कुड़मी समन्वय समिति की ओर से रविवार को पुराना विधानसभा सभागार, धुर्वा में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में कुड़माली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने और कुड़मी समुदाय को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की मांग को लेकर केंद्र सरकार पर दबाव बढ़ाने का निर्णय लिया गया। बैठक की अध्यक्षता समिति के मुख्य संयोजक शीतल ओहदार ने की।

बैठक को संबोधित करते हुए शीतल ओहदार ने कहा कि कुड़मी समाज पिछले 75 वर्षों से अपनी पहचान और अधिकारों की लड़ाई लड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकारें चुनाव के समय समुदाय से वादे करती हैं, लेकिन बाद में उन्हें पूरा नहीं करतीं। ओहदार ने कहा कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने कुड़माली भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल करने का आश्वासन दिया था, जिसके बाद जंगलमहल क्षेत्र के कुड़मी समाज ने भाजपा को व्यापक समर्थन दिया।

उन्होंने कहा कि अब केंद्र सरकार को अपने वादे के अनुसार अविलंब कैबिनेट में प्रस्ताव लाकर कुड़माली भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल करना चाहिए। समिति ने चेतावनी दी कि यदि दो माह के भीतर इस दिशा में ठोस पहल नहीं हुई तो झारखंड, पश्चिम बंगाल और उड़ीसा में व्यापक आर्थिक नाकेबंदी आंदोलन शुरू किया जाएगा।

बैठक में जेएमएम, कांग्रेस और भाजपा से भी मांग की गई कि राज्यसभा में कुड़मी समाज को पर्याप्त प्रतिनिधित्व दिया जाए। वक्ताओं ने कहा कि राज्य में बड़ी आबादी होने के बावजूद समाज की राजनीतिक भागीदारी अपेक्षाकृत कम है।

बैठक के दौरान जातीय जनगणना को लेकर भी विस्तृत चर्चा हुई। समिति ने लोगों से अपील की कि वे जाति में “कुड़मी” और भाषा में “कुड़माली” ही दर्ज कराएं, ताकि समुदाय की वास्तविक संख्या सामने आ सके। इसके लिए सभी प्रखंडों में जागरूकता सेमिनार आयोजित करने और प्रभारी नियुक्त करने का निर्णय लिया गया।

सर्वसम्मति से यह भी तय हुआ कि संसद के आगामी मानसून सत्र के दौरान दिल्ली के जंतर-मंतर पर कुड़मी समाज पारंपरिक वाद्य यंत्रों, सांस्कृतिक पोशाकों और लोक परंपराओं के साथ धरना-प्रदर्शन करेगा। साथ ही गांवों में जाहेर थान, ग्राम थान, आखड़ा और पारंपरिक सांस्कृतिक स्थलों को संरक्षित करने की दिशा में अभियान चलाने का भी निर्णय लिया गया।

बैठक में संगठन विस्तार की घोषणा करते हुए वरिष्ठ समाजसेवी रामपोदो महतो को केंद्रीय प्रधान कार्यकारी अध्यक्ष तथा नरेश कुड़मी महतो को रांची जिला सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई। कार्यक्रम में राजेंद्र महतो, सखीचंद महतो, सुषमा महतो, सपन कुमार महतो, थानेश्वर महतो, रामचंद्र महतो, ललित मोहन महतो, शशिरंजन महतो, हरिशंकर महतो समेत बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे।

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