RANCHI
रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) पोस्ट लोहरदगा ने ऑपरेशन ‘नन्हे फरिश्ते’ के तहत एक लापता नाबालिग बालक का सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर उसे सुरक्षित संरक्षण दिलाया। 18 जून 2026 को ट्रेन संख्या 68037 में ड्यूटी के दौरान आरपीएफ की ट्रेन एस्कॉर्ट टीम ने एक 10 वर्षीय बालक को संदिग्ध परिस्थितियों में अकेले घूमते हुए देखा। बालक डरा-सहमा और परेशान नजर आ रहा था।
पूछताछ के दौरान बालक ने अपना नाम राम चंद्र बताया, जो लोहरदगा जिले के केरो थाना क्षेत्र के नगजुआ गांव का निवासी है। उसने बताया कि मां की डांट से नाराज होकर और खुद को उपेक्षित महसूस करने के कारण वह घर छोड़कर निकल आया था। आरपीएफ टीम ने बालक की काउंसलिंग की और उसकी पहचान की पुष्टि की।
सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद आरपीएफ ने बालक को उसकी सुरक्षा और आगे की देखरेख के लिए चाइल्डलाइन लोहरदगा के सुपुर्द कर दिया। इस पूरे अभियान को ऑपरेशन ‘नन्हे फरिश्ते’ के तहत सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया।
इस सराहनीय कार्य में महिला उपनिरीक्षक प्रियंका कुमारी, कल्पना कुमारी, एस. के. सिंह, सी. एस. यादव और प्रीति गौर की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आरपीएफ की तत्परता से एक नाबालिग बालक सुरक्षित संरक्षण तक पहुंच सका।
