शिक्षा, संस्कृति एवं एकता की रक्षा के लिए पाड़हा वासियों ने लिया ये ऐतिहासिक संकल्प

पाड़हा राजा जीतू उरांव की अध्यक्षता में लिया गया संकल्प

RANCHI

सात पाड़हा दरहा मर्चा चनगनी बेड़ो, रांची प्रांगण में आज पाड़हा राजा जीतू उरांव की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में पाड़हा क्षेत्र के विद्यालय की घेराबंदी करने, शैक्षणिक माहौल को सुदृढ़ बनाने तथा पुरखों की नेगजोग, रीति-रिवाज, सामाजिक समरसता, एकता और 32वीं ऐतिहासिक जतरा एवं समृद्ध परंपराओं को अक्षुण्ण बनाए रखने का दृढ़ संकल्प लिया गया।

बैठक में पाड़हा राजा जीतू उरांव ने कहा कि शिक्षा हमारे बच्चों का भविष्य है और संस्कृति हमारी पहचान है। दोनों को साथ लेकर चलना ही सच्ची प्रगति है। उन्होंने आह्वान किया कि समस्त पाड़हावासी एकजुट होकर विद्यालय परिसर को सुरक्षित बनाएं तथा आने वाली पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करें।

बैठक में मुख्य रूप से मंगरा उरांव, चारो उरांव, रमेश उरांव, बंदे उरांव, छोटना उरांव, सुनवा उरांव, बिरसा उरांव, शंकर उरांव सहित सैकड़ों पाड़हावासी उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि पाड़हा क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर और शैक्षणिक उन्नति दोनों ही हमारी प्राथमिकता हैं।

मुख्य संकल्प :

विद्यालय परिसर की घेराबंदी कर सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना

शैक्षणिक गुणवत्ता व अनुशासन बनाए रखना

पुरखवती नेगजोग, रीति-रिवाज एवं परंपराओं का संरक्षण

सामाजिक समरसता एवं भाईचारे को मजबूत करना

32वीं ऐतिहासिक जतरा को भव्य रूप में मनाना

इस अवसर पर उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों ने कहा कि यह संकल्प केवल एक बैठक का परिणाम नहीं, बल्कि पूरे पाड़हा समाज की सामूहिक चेतना का प्रतीक है।

पाड़हा समाज ने स्पष्ट संदेश दिया है कि हम अपनी जड़ों को मजबूत रखते हुए आधुनिक शिक्षा की ओर बढ़ेंगे। यह बैठक पाड़हा क्षेत्र के भविष्य निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

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