NEW DELHI
परीक्षा में कथित गड़बड़ियों, बार-बार पेपर लीक होने और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर चल रहा ‘कॉकरोच प्रोटेस्ट’ शनिवार को भी जारी रहा। दिल्ली पुलिस द्वारा प्रदर्शन की अनुमति आगे नहीं बढ़ाए जाने के बावजूद कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने साफ कहा कि छात्र इंसाफ मिलने तक आंदोलन जारी रखेंगे और फिलहाल वहां से हटने का कोई इरादा नहीं है।
भारी पुलिस तैनाती के बीच देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे छात्रों और युवाओं ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया। आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने थाली और चम्मच बजाकर अपना विरोध दर्ज कराया। यह तरीका हाल के दिनों में इस आंदोलन की पहचान बन गया है, जिसके जरिए छात्र परीक्षा प्रणाली में सुधार और पारदर्शिता की मांग उठा रहे हैं।
अभिजीत दीपके ने अधिकारियों से अपील करते हुए कहा कि देशभर से आए युवा शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शन किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि लाखों छात्रों के भविष्य और निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था की मांग को लेकर किया जा रहा है। दीपके ने दिल्ली पुलिस से प्रदर्शन की अवधि बढ़ाने और केंद्र सरकार के साथ वार्ता शुरू कराने की भी मांग की।
उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन प्रदर्शनकारियों को हटाने या गिरफ्तार करने की कार्रवाई करता है तो वह सबसे पहले गिरफ्तारी देने के लिए तैयार हैं। उनके अनुसार, छात्रों की मांग केवल इतनी है कि भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए तथा बार-बार सामने आ रहे पेपर लीक और अनियमितताओं पर प्रभावी कार्रवाई हो।
प्रदर्शन के दौरान कई छात्रों ने हाथों में तख्तियां लेकर सरकार से जवाबदेही की मांग की। मौके पर “धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें” और “छात्रों को न्याय दो” जैसे नारे भी सुनाई दिए। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि परीक्षा प्रबंधन में लगातार सामने आ रही खामियों का खामियाजा मेहनत करने वाले छात्रों को भुगतना पड़ रहा है।
दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से जंतर-मंतर का निर्धारित स्थल खाली करने को कहा है, लेकिन आंदोलन से जुड़े लोगों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस आश्वासन नहीं मिलता, तब तक उनका शांतिपूर्ण विरोध जारी रहेगा। इस बीच, जंतर-मंतर पर छात्रों की मौजूदगी और बढ़ती भीड़ ने इस आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना दिया है।
छात्र संगठनों और आंदोलन से जुड़े लोगों का कहना है कि यह केवल एक परीक्षा या एक भर्ती प्रक्रिया का मुद्दा नहीं है, बल्कि देशभर के करोड़ों युवाओं के भविष्य से जुड़ा सवाल है। इसी वजह से विभिन्न राज्यों से छात्र दिल्ली पहुंच रहे हैं और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को और मुखर बना रहे हैं।
