Ranchi
झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग और उद्योग विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा के बाद मंत्री संजय प्रसाद यादव ने सरकार की ओर से विस्तृत जवाब दिया। उन्होंने कहा कि राज्य में करीब 20 हजार करोड़ रुपये के निवेश से औद्योगिक विकास को गति मिलेगी, जिससे लगभग 15 हजार नई नौकरियों का सृजन होने की संभावना है।
निर्माण श्रमिकों के लिए कई योजनाएं
सदन को संबोधित करते हुए मंत्री ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 3 लाख 89 हजार 568 निर्माण श्रमिकों का निबंधन किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार श्रमिकों के कल्याण को लेकर गंभीर है।
मंत्री ने बताया कि यदि किसी प्रवासी मजदूर की बाहर काम करने के दौरान मृत्यु हो जाती है, तो उसके पार्थिव शरीर को पैतृक घर तक पहुंचाने के लिए सरकार आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रही है। इसके अलावा विदेशों में फंसे या मृत श्रमिकों के लिए भी नई सहायता योजनाएं प्रस्तावित की गई हैं।
रोजगार के लिए भर्ती कैंप और रोजगार मेले
युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए सरकार की पहल का जिक्र करते हुए मंत्री ने बताया कि 302 भर्ती कैंप और 95 रोजगार मेलों के माध्यम से अब तक 14 हजार 748 युवाओं का चयन किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण और रोजगार से जोड़ने के लिए लगातार काम कर रही है।
दावोस के बाद निवेश प्रस्तावों में बढ़ोतरी
उद्योग विभाग की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड ने वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने बताया कि दावोस 2026 में मुख्यमंत्री की भागीदारी के बाद राज्य को 1 लाख 24 हजार 230 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि टाटा स्टील के साथ 9 हजार 600 करोड़ रुपये के निवेश का समझौता हुआ है, जो ग्रीन स्टील तकनीक पर आधारित परियोजना होगी। मंत्री के अनुसार इन निवेश प्रस्तावों से भविष्य में 45 हजार से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
कटौती प्रस्ताव वापस लेने का आग्रह
मंत्री संजय प्रसाद यादव ने अपने संबोधन की शुरुआत राज्य निर्माता शिबू सोरेन को नमन करते हुए की और कहा कि यह बजट उनके सपनों के झारखंड को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले 17 वर्षों में स्पष्ट नीति के अभाव में विकास की गति धीमी रही, लेकिन वर्ष 2019 के बाद राज्य में विकास तेज हुआ है।
अंत में मंत्री ने विधायक जयराम कुमार महतो समेत अन्य सदस्यों से कटौती प्रस्ताव वापस लेने का आग्रह किया। मंत्री के जवाब के बाद जयराम महतो ने अपना कटौती प्रस्ताव वापस ले लिया, जिसके बाद सदन ने विभागीय बजट को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया जारी रखी।
