Madhepura
बिहार के मधेपुरा जिले में एक गिरफ्तार अपराधी की रील सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। गिरफ्तारी से लेकर न्यायालय में पेशी तक का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह ने तीन पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
मामला शंकरपुर थाना कांड संख्या 240/25 से जुड़ा है। मारपीट के एक केस में नामजद अभियुक्त अंकज कुमार उर्फ लल्लू यादव, निवासी मधेली वार्ड संख्या 13, को शनिवार को शंकरपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया था। थाना में कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे उसी दिन जेल भेज दिया गया, लेकिन इस बीच का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो गया।
वायरल रील में देखा गया कि अभियुक्त को हथकड़ी लगाए पुलिस वाहन के बजाय निजी वाहन से ले जाया जा रहा है। रास्ते में एक होटल में पुलिसकर्मियों के साथ बैठकर खाना खाते हुए भी वह नजर आ रहा है। इतना ही नहीं, हाथ में हथकड़ी लेकर खुद ही वीडियो बनवाते हुए दबंग अंदाज में गानों पर रील अपलोड की गई।
जानकारी के मुताबिक, अंकज कुमार उर्फ लल्लू यादव पर मधेपुरा जिले के शंकरपुर थाना के अलावा सुपौल जिले के विभिन्न थानों में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। वर्ष 2020 में मधेली निवासी शिक्षक राम बाबू हत्याकांड में भी वह नामजद अभियुक्त रह चुका है। हत्या, लूट और अन्य गंभीर मामलों में उसका नाम सामने आता रहा है।
वायरल वीडियो की जांच सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी प्रवेंद्र भारती से कराई गई। जांच में वीडियो में दिखाई दे रहे तीन पुलिसकर्मियों की पहचान शंकरपुर थाना के सअनि रामउदय कुमार, चौकीदार अनील कुमार और मो. रसूल के रूप में हुई।
जांच में पाया गया कि 28 फरवरी को गिरफ्तारी के बाद न्यायालय में पेशी के लिए ले जाते समय अभियुक्त के निजी वाहन से मधेपुरा पहुंचा गया और होटल में साथ बैठकर भोजन किया गया।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि इस तरह का अमर्यादित आचरण पुलिस की छवि को धूमिल करता है और किसी भी दृष्टिकोण से स्वीकार्य नहीं है। तीनों पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है तथा 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
इस घटना के बाद जिले में पुलिस और अपराधियों के बीच कथित वीआईपी ट्रीटमेंट को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
