SUPAUL
बिहार में निगरानी विभाग की लगातार कार्रवाई से भ्रष्ट अधिकारियों में हड़कंप मचा है। दारोगा, डीपीओ, अनुमंडल कृषि पदाधिकारी और पंचायत तकनीकी सहायक जैसे कई अफसर पहले ही गिरफ्त में आ चुके हैं। इसके बावजूद घूसखोरी का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा।
ताजा मामला सुपौल जिले का है, जहां निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने 20 हजार रुपये रिश्वत लेते एक सर्वे अमीन को रंगेहाथ गिरफ्तार किया है।
जानकारी के अनुसार, मरौना थाना क्षेत्र के खोरमा गांव निवासी जयनारायण यादव ने शिकायत दर्ज कराई थी कि मरौना अंचल में पदस्थापित सर्वे अमीन विक्रम कुमार राम लंबित जमीन सर्वे कार्य के बदले 20 हजार रुपये की मांग कर रहा है।
शिकायत मिलने के बाद निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना ने केस दर्ज कर जांच शुरू की। जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद पटना से टीम सुपौल पहुंची और जाल बिछाया।
अमीन ने शिकायतकर्ता को निर्देश दिया था कि वह 20 हजार रुपये उसके किराए के मकान पर पहुंचाकर दे। जैसे ही जयनारायण यादव ने रुपये सौंपे, टीम ने मौके पर धावा बोलते हुए अमीन को गिरफ्तार कर लिया।
यह कार्रवाई निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना के डीएसपी Narendra Kumar के नेतृत्व में की गई। गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की गई और उसे पटना ले जाया गया। उसे निगरानी कोर्ट में पेश किया जाएगा। इस कार्रवाई के बाद सुपौल समेत आसपास के क्षेत्रों में सरकारी महकमे में खलबली मची हुई है।
