RU: कुड़ुख़ विभाग में एलुमनी मीट को लेकर अहम बैठक, UG-PG सिलेबस को मिली अंतिम मंजूरी

 

RANCHI


रांची विश्वविद्यालय के कुड़ुख विभाग में शनिवार, 31 जनवरी 2026 को एक महत्वपूर्ण विभागीय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता विभागाध्यक्ष डॉ. बन्दे खलखो ने की। इस दौरान कुड़ुख भाषा, साहित्य और अकादमिक गतिविधियों को मजबूत करने से जुड़े कई अहम निर्णय लिए गए।

बैठक में जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा संकाय के पूर्व समन्वयक और कुड़ुख विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. हरि उराँव विशेष रूप से उपस्थित रहे। उनके साथ विभिन्न महाविद्यालयों से आए सहायक प्राध्यापकों—प्रो. धीरज उराँव, प्रो. प्रेमचंद उराँव, डॉ. अरुण अमित तिग्गा, डॉ. कृति मिंज, प्रो. राधिका उराँव, प्रो. सुमन्ति तिर्की, प्रो. सुषमा मिंज, प्रो. सरिता उराँव और प्रो. विकास उराँव ने बैठक में सक्रिय सहभागिता की। शोधार्थियों और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं भी मौजूद रहे।

बैठक का प्रमुख एजेंडा प्रस्तावित कुड़ुख एलुमनी मीट की तैयारियों को लेकर रहा। विभाग को एलुमनी मीट के लिए अब तक 25 आलेख प्राप्त हो चुके हैं, जिसे शिक्षकों और विद्वानों ने उत्साहजनक बताया। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि एलुमनी मीट के लिए पंजीकरण 1 फरवरी 2026 से 15 फरवरी 2026 तक किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक पूर्व विद्यार्थी इसमें शामिल हो सकें।

इसके अलावा बैठक में स्नातक (यूजी) और स्नातकोत्तर (पीजी) स्तर के कुड़ुख पाठ्यक्रम पर विस्तार से चर्चा के बाद उसे अंतिम स्वीकृति दी गई। शिक्षकों ने पाठ्यक्रम को समकालीन, शोधोन्मुखी और रोजगारपरक बनाने पर विशेष जोर दिया।

बैठक को संबोधित करते हुए विभागाध्यक्ष डॉ. बन्दे खलखो ने कहा कि कुड़ुख भाषा और संस्कृति के संरक्षण व अकादमिक विस्तार के लिए ऐसे सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने एलुमनी मीट को विभाग और समाज के बीच एक मजबूत सेतु बताते हुए सभी सहयोगियों का आभार जताया।

बैठक सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुई। शिक्षकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने कुड़ुख भाषा, साहित्य और संस्कृति के संरक्षण तथा संवर्धन के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प दोहराया। विभाग को उम्मीद है कि एलुमनी मीट के माध्यम से अकादमिक गतिविधियों को नई ऊर्जा और दिशा मिलेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *