RANCHI
राजकीय श्रावणी मेला-2026 में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए झारखंड सरकार ने एक नई पहल की है। मंगलवार (4 अगस्त) से देवघर और बासुकीनाथ के बीच विशेष हेलीकॉप्टर सेवा की शुरुआत कर दी गई है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग (नागर विमानन) की पहल पर शुरू की गई इस सेवा का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित, तेज और सुविधाजनक हवाई यात्रा उपलब्ध कराना है, ताकि वे कम समय में बाबा बैद्यनाथ, बासुकीनाथ और त्रिकूट पर्वत का आकाशीय दर्शन कर सकें।
झारखंड फ्लाइंग इंस्टीट्यूट कर रहा संचालन
उपायुक्त ने बताया कि हेलीकॉप्टर सेवा का संचालन झारखंड फ्लाइंग इंस्टीट्यूट (JFI) के माध्यम से किया जा रहा है। सरकार ने आम श्रद्धालुओं को ध्यान में रखते हुए किराया अपेक्षाकृत किफायती रखा है, जिससे अधिक से अधिक लोग इस सुविधा का लाभ उठा सकें। हवाई यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को देवघर, बासुकीनाथ और आसपास के धार्मिक एवं प्राकृतिक स्थलों का विहंगम दृश्य देखने का अवसर मिलेगा।
वृद्ध और दिव्यांग श्रद्धालुओं को मिलेगी बड़ी राहत
जिला प्रशासन के अनुसार हेलीकॉप्टर सेवा शुरू होने से विशेष रूप से वृद्ध, दिव्यांग और दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को काफी सुविधा मिलेगी। कम समय में धार्मिक स्थलों के दर्शन संभव होने से उनकी यात्रा अधिक सहज और आरामदायक होगी। प्रशासन ने हेलीपैड पर सुरक्षा व्यवस्था, उड़ान संचालन और यात्रियों की सुरक्षा के लिए सभी मानकों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं।
जानिए कितना होगा किराया
- देवघर आकाशीय परिदर्शन (7-10 मिनट): ₹2,850 प्रति व्यक्ति
- बासुकीनाथ आकाशीय परिदर्शन (7-10 मिनट): ₹2,850 प्रति व्यक्ति
- देवघर-त्रिकूट आकाशीय यात्रा (10-15 मिनट): ₹3,750 प्रति व्यक्ति
- देवघर से बासुकीनाथ एकतरफा उड़ान (15 मिनट): ₹4,500 प्रति व्यक्ति
ऐसे करें बुकिंग
हेलीकॉप्टर सेवा का लाभ लेने के इच्छुक श्रद्धालु Jharkhand Aviation की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन बुकिंग कर सकते हैं। इसके अलावा देवघर के हथगढ़ मैदान में बनाए गए टिकट काउंटर से भी टिकट उपलब्ध हैं। किसी भी प्रकार की जानकारी या सहायता के लिए 9122583111 नंबर पर संपर्क किया जा सकता है।
जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अधिकृत माध्यमों से ही टिकट बुक करें और निर्धारित सुरक्षा निर्देशों का पालन करते हुए इस नई सुविधा का लाभ उठाएं।
