ओरमांझी में अंतरराज्यीय बाइक चोर गिरोह का भंडाफोड़, पीछा कर 3 आरोपी दबोचे; 6 बाइक बरामद



RANCHI

ओरमांझी और सिकिदिरी थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में अंतरराज्यीय मोटरसाइकिल चोर गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने पीछा कर दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया, जिनकी निशानदेही पर बिहार में छापेमारी कर गिरोह के एक अन्य सदस्य को भी दबोच लिया गया। इस कार्रवाई में चोरी की छह मोटरसाइकिलें, मास्टर चाबी समेत कई उपकरण बरामद किए गए हैं।

पुलिस के अनुसार 19 जून की रात वाहन जांच के दौरान सिकिदिरी थाना क्षेत्र में बिना नंबर प्लेट की एक काले रंग की मोटरसाइकिल पर सवार दो युवकों को रोकने का प्रयास किया गया। लेकिन दोनों रुकने के बजाय तेज रफ्तार से ओरमांझी की ओर भाग निकले। सूचना मिलने पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर ओरमांझी थाना क्षेत्र के गुडू मोड़ के पास विशेष वाहन जांच अभियान शुरू किया गया।

कुछ ही देर बाद संदिग्ध बाइक वहां पहुंची। पुलिस को देखकर चालक ने बाइक मोड़कर भागने की कोशिश की, लेकिन पीछे से पहुंची सिकिदिरी थाना पुलिस और ओरमांझी पुलिस की टीम ने घेराबंदी कर दोनों को पकड़ लिया। गिरफ्तार युवकों की पहचान सिंदु कुमार और अनिकेत कुमार उर्फ भोला के रूप में हुई।

तलाशी के दौरान पुलिस को एक काला बैग मिला, जिसमें मास्टर चाबी, प्लग रिंच, पेचकस और एक खुला नंबर प्लेट बरामद हुआ। पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि वे रांची, रामगढ़ और बोकारो समेत विभिन्न जिलों से मोटरसाइकिल चोरी करते थे। चोरी के बाद इंजन और चेसिस नंबर से छेड़छाड़ कर फर्जी कागजात तैयार किए जाते थे और फिर वाहनों को बिहार के गया इलाके में बेच दिया जाता था।

आरोपियों ने खुलासा किया कि उनके गिरोह में बिहार के गया जिले के कई लोग शामिल हैं। इसके बाद पुलिस ने बिहार के आमस थाना क्षेत्र में छापेमारी कर विकास कुमार नामक आरोपी को गिरफ्तार किया। उसके घर से चोरी की पांच मोटरसाइकिलें बरामद की गईं। वहीं सिंदु कुमार की निशानदेही पर रामगढ़ क्षेत्र से एक और चोरी की बाइक बरामद हुई।

पुलिस ने बताया कि गिरोह संगठित तरीके से कई जिलों में मोटरसाइकिल चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। बरामद वाहनों की पहचान और उनसे जुड़े मामलों की जांच की जा रही है। गिरफ्तार तीनों आरोपियों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेजने की कार्रवाई की गई है।

पुलिस का कहना है कि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है और उनकी गिरफ्तारी के लिए झारखंड तथा बिहार में लगातार छापेमारी की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार इस कार्रवाई से एक बड़े अंतरराज्यीय वाहन चोरी नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जिससे कई लंबित मामलों के सुलझने की उम्मीद है।

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