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तिरुवनंतपुरम में उस समय भारी राजनीतिक हंगामा खड़ा हो गया, जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान नेता प्रतिपक्ष Pinarayi Vijayan के आवास पर छापेमारी के लिए पहुंची। आरोप है कि इस दौरान CPI(M) कार्यकर्ताओं ने ED अधिकारियों की गाड़ियों को घेर लिया और उनके खिलाफ उग्र प्रदर्शन किया। कुछ जगहों पर धक्का-मुक्की और वाहनों पर हमला किए जाने की भी खबर सामने आई है।
CMRL मामले में कई ठिकानों पर ED की कार्रवाई
जानकारी के मुताबिक, ED ने ‘कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड’ (CMRL) मामले में केरल के करीब 10 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इसी क्रम में पिनाराई विजयन के आवास को भी जांच के दायरे में लिया गया। केंद्रीय एजेंसी की इस कार्रवाई के खिलाफ वामपंथी कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
माकपा ने बताया राजनीतिक साजिश
भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के झारखंड राज्य सचिवमंडल ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए इसे केंद्र सरकार द्वारा विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने की साजिश बताया है। पार्टी का कहना है कि भाजपा सरकार केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर विपक्ष की छवि खराब करने की कोशिश कर रही है।
माकपा नेताओं ने कहा कि पिनाराई विजयन और CPI(M) ऐसी कार्रवाई से डरने वाले नहीं हैं। पार्टी ने यह भी सवाल उठाया कि क्या इस पूरे घटनाक्रम में UDF सरकार की भी कोई भूमिका है। बयान में दावा किया गया कि हाल में दिल्ली दौरे पर गए नेताओं और भाजपा नेतृत्व के बीच हुई मुलाकातों के बाद इस रेड को लेकर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं।
राजनीतिक माहौल गरमाया, विरोध प्रदर्शन जारी
ED की कार्रवाई के बाद केरल की राजनीति में तनाव और बढ़ गया है। वाम कार्यकर्ता लगातार केंद्रीय एजेंसी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। दूसरी ओर, भाजपा नेताओं का कहना है कि जांच एजेंसियां कानून के तहत अपना काम कर रही हैं और भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में कार्रवाई जारी रहेगी।
