New Delhi
आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री Arvind Kejriwal ने पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब रूस और ईरान भारत को सस्ता तेल और गैस देने के लिए तैयार हैं, तो आखिर केंद्र सरकार उन्हें खरीदने से क्यों बच रही है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए केजरीवाल ने कहा कि देश की जनता पहले से महंगाई की मार झेल रही है और अब ईंधन की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से आम लोगों का बजट पूरी तरह बिगड़ता जा रहा है। उन्होंने लिखा कि तेल की कीमतें फिर बढ़ा दी गई हैं, लेकिन इसके बावजूद भारत रूस और ईरान से सस्ता तेल नहीं खरीद रहा। उन्होंने सीधे प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए पूछा कि आखिर ऐसी क्या मजबूरी है जो सरकार को यह फैसला लेने से रोक रही है।
दो हफ्तों में चौथी बार बढ़े दाम, जनता पर बढ़ा बोझ
केजरीवाल की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है जब सरकारी तेल कंपनियों ने दो सप्ताह से भी कम समय में चौथी बार पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की है। इस दौरान ईंधन के दाम करीब 7.5 से 8 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ चुके हैं।
उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ रही कीमतों का सबसे अधिक असर मध्यम वर्ग, मजदूरों और रोजमर्रा की आय पर निर्भर लोगों पर पड़ रहा है। उनके मुताबिक देश में पहले ही रसोई गैस, खाद्य पदार्थों और परिवहन खर्च में भारी वृद्धि हो चुकी है, ऐसे में ईंधन महंगा होने से महंगाई और तेज हो जाएगी।
‘दुनिया में कम बढ़े दाम, भारत में ज्यादा बोझ’
एक वीडियो संदेश जारी कर केजरीवाल ने दावा किया कि दुनिया के कई देशों में ईंधन की कीमतों में सीमित बढ़ोतरी हुई है, लेकिन भारत में उपभोक्ताओं को कहीं ज्यादा कीमत चुकानी पड़ रही है।
उन्होंने कहा कि करीब 1.4 अरब भारतीय इस समय आर्थिक दबाव में हैं और घर चलाना मुश्किल होता जा रहा है। उनके अनुसार महंगाई अब आम परिवारों के लिए सबसे बड़ी चिंता बन चुकी है।
रूस और ईरान से आयात बढ़ाने की मांग
AAP प्रमुख ने कहा कि यदि भारत रूस और ईरान से कम कीमत पर तेल और गैस आयात करे, तो इससे आम लोगों को राहत मिल सकती है। उन्होंने दावा किया कि दोनों देश भारत को पर्याप्त मात्रा में सस्ता ईंधन उपलब्ध कराने को तैयार हैं।
उन्होंने केंद्र सरकार से पूछा कि आखिर कौन-सी बाधाएं हैं जो भारत को इन देशों से बड़े पैमाने पर तेल खरीदने से रोक रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि सस्ता ईंधन उपलब्ध हो सकता है, तो सरकार को जनता के हित में तुरंत कदम उठाना चाहिए।
जनमत सर्वे का हवाला, 97 प्रतिशत लोगों ने किया समर्थन : केजरीवाल
केजरीवाल ने यह भी दावा किया कि उन्होंने इस मुद्दे पर एक जनमत सर्वेक्षण कराया, जिसमें करीब 97 प्रतिशत लोगों ने रूस और ईरान से सस्ता तेल और गैस खरीदने का समर्थन किया।
उन्होंने कहा कि जनता चाहती है कि सरकार महंगाई कम करने के लिए हर संभव विकल्प अपनाए। AAP नेता के मुताबिक यदि केंद्र सरकार सस्ता ईंधन आयात करने का फैसला लेती है, तो इसका सीधा फायदा देश के करोड़ों उपभोक्ताओं को मिलेगा और महंगाई पर भी कुछ हद तक नियंत्रण पाया जा सकेगा।
