Ayodhya
राम मंदिर दान घोटाला मामले की जांच लगातार नए मोड़ ले रही है। ताजा घटनाक्रम में दान की राशि के कथित दुरुपयोग के आरोपी लवकुश मिश्रा के अयोध्या स्थित आलीशान मकान पर बुलडोजर चलाने की तैयारी शुरू हो गई है। अयोध्या विकास प्राधिकरण ने निर्माण को लेकर नोटिस जारी किया है, जिससे पूरे मामले ने नया राजनीतिक और सामाजिक तूल पकड़ लिया है।
जांच में रोज हो रहे नए खुलासे
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, राम मंदिर से जुड़े वित्तीय अनियमितताओं की जांच आगे बढ़ने के साथ लगभग रोज नए तथ्य सामने आ रहे हैं। हालांकि, कथित घोटाले की कुल रकम का अभी तक आधिकारिक तौर पर खुलासा नहीं हुआ है, लेकिन जांच एजेंसियां कई पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।
बताया जा रहा है कि इस मामले में अब तक आठ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। वहीं, विश्व हिंदू परिषद से जुड़े रहे और राम जन्मभूमि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
कौन हैं लवकुश मिश्रा?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, लवकुश मिश्रा उन लोगों में शामिल हैं जिन पर मंदिर में प्राप्त दान राशि के दुरुपयोग के आरोप लगे हैं। उनके नाम पर अयोध्या में बन रहे मकान की मौजूदा कीमत करीब एक करोड़ रुपये बताई जा रही है।
जांच में यह भी सामने आया है कि उन्होंने यह जमीन उस समय खरीदी थी, जब वे राम मंदिर से जुड़े एक पद पर करीब 10 हजार रुपये मासिक वेतन पर कार्यरत थे। जमीन की रजिस्ट्री में कीमत 8.8 लाख रुपये दर्ज की गई, जबकि स्थानीय स्तर पर इसकी वास्तविक कीमत लगभग 25 लाख रुपये बताई जा रही है।
अवैध निर्माण को लेकर जारी हुआ नोटिस
अयोध्या विकास प्राधिकरण ने कथित रूप से नियमों के उल्लंघन और निर्माण संबंधी अनियमितताओं को लेकर मकान मालिक को नोटिस जारी किया है। यदि निर्धारित समय के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है, तो प्रशासन बुलडोजर कार्रवाई कर सकता है।
जांच के बाद ही होगी अंतिम पुष्टि
फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक एवं प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी। संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया और आधिकारिक जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
