RANCHI
पुरानी पेंशन योजना की बहाली समेत 11 सूत्री मांगों को लेकर झारखंड सिविल पेंशनर्स एसोसिएशन के बैनर तले पेंशनर्स ने बुधवार को रांची के शहीद चौक पर धरना-प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन फोरम ऑफ सिविल पेंशनर्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय आह्वान पर आयोजित किया गया। इसमें पोस्टल और आरएमएस पेंशनर्स के साथ बीएसएनएल और अन्य केंद्रीय पेंशनर्स ने हिस्सा लिया।
पेंशनर्स ने नई पेंशन योजना और यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) को वापस लेने तथा पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल करने की मांग प्रमुखता से उठाई। प्रदर्शन के दौरान पेंशन अधिनियम संशोधन 2025 को वापस लेने और वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुरूप सभी पेंशनर्स का पेंशन पुनरीक्षण सुनिश्चित करने की भी मांग की गई।
बीएसएनएल पेंशनर्स के पुनरीक्षण की मांग
धरने में बीएसएनएल पेंशनर्स के पेंशन पुनरीक्षण का मुद्दा भी उठाया गया। पेंशनर्स ने 1 जनवरी 2017 से बीएसएनएल पेंशनर्स का पुनरीक्षण करने की मांग की। इसके अलावा टर्म ऑफ रेफरेंस में बदलाव कर वर्तमान पेंशनर्स के पेंशन रिवीजन का रास्ता साफ करने की मांग की गई।
पेंशनर्स ने 50 प्रतिशत महंगाई भत्ते और महंगाई राहत को मूल वेतन और पेंशन में समायोजित करने की भी मांग रखी। आठवें वेतन आयोग की प्रक्रिया में हो रही देरी को देखते हुए अंतरिम राहत देने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है।
पेंशन कम्यूटेशन की अवधि घटाने की मांग
धरना दे रहे पेंशनर्स ने पेंशन कम्यूटेशन की अवधि को मौजूदा 15 वर्ष से घटाकर 10 वर्ष 8 महीने करने की मांग की। उनका कहना है कि पेंशनर्स से जुड़े लंबित मुद्दों पर सरकार को जल्द निर्णय लेना चाहिए।
धरना-प्रदर्शन के बाद 11 सूत्री मांगों का ज्ञापन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम भारत सरकार, नई दिल्ली को स्पीड पोस्ट के माध्यम से भेजा गया।
सितंबर में रांची में होगा राज्य स्तरीय धरना
धरने को एम. जेड. खान, नरेश लाल, शिव सेवक पाठक, के. डी. राय व्यथित और त्रिवेणी ठाकुर ने संबोधित किया। मौके पर हसीना तिग्गा, इकबाल हुसैन, ए. पी. सिंह, बी. एन. सिंह, इसाक मिंज, देव चरण साहू, त्रिलोकी नाथ साहू, एस. पी. सिन्हा, जयराम प्रसाद और बचनू साह समेत कई पेंशनर्स मौजूद रहे।
एसोसिएशन के अनुसार 19 अगस्त को झारखंड के कई जिलों, विशेषकर धनबाद, जमशेदपुर और पलामू में भी राष्ट्रव्यापी धरना आयोजित किया गया।
पेंशनर्स ने कहा कि 11 सूत्री मांगों को लेकर अब 17 से 19 सितंबर 2026 तक रांची में राज्य स्तरीय धरना दिया जाएगा। इसमें झारखंड के विभिन्न जिलों से केंद्रीय पेंशनर्स के शामिल होने की संभावना है।
