कोलकाता में CJP की बैठक रद्द, आशुतोष रांका बोले- हॉल मालिकों को धमका रहे भाजपा के लोग

 

KOLKATA

Cockroach Janta Party (CJP) के को-कन्वीनर आशुतोष रांका ने आरोप लगाया है कि राजनीतिक दबाव के कारण मंगलवार को कोलकाता में होने वाली पार्टी की बैठक रद्द करनी पड़ी। रांका के मुताबिक, उत्तर कोलकाता के भारत सभा हॉल में समर्थकों के साथ प्रस्तावित बैठक होनी थी, लेकिन हॉल मालिकों को कथित तौर पर BJP नेताओं की ओर से धमकी मिलने के बाद कार्यक्रम रद्द कर दिया गया।

रांका ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दावा किया कि भारत सभा हॉल के अलावा छह अन्य हॉल मालिकों ने भी कार्यक्रम के लिए जगह देने से इनकार कर दिया। उनका कहना है कि इन लोगों ने राज्य में भारी राजनीतिक दबाव का हवाला दिया।

रांका ने इस घटनाक्रम को लेकर BJP पर निशाना साधते हुए कहा कि इससे यह बात और मजबूत होती है कि BJP ‘कॉकरोचों’ से डर रही है। उन्होंने कहा कि बंगाल के समर्थकों से मुलाकात नहीं हो पाने का उन्हें अफसोस है, लेकिन जल्द ही इससे कहीं बड़ा कार्यक्रम आयोजित करने का वादा किया।

प्रेस क्लब में प्रेस कॉन्फ्रेंस भी टली

CJP नेता कोलकाता प्रेस क्लब में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को भी संबोधित करने वाले थे। रांका के अनुसार, यह कार्यक्रम भी नहीं हो सका। उन्होंने दावा किया कि सोमवार रात से प्रेस क्लब की बिजली आपूर्ति बाधित रहने के कारण प्रेस कॉन्फ्रेंस रद्द करनी पड़ी।

हालांकि, कार्यक्रमों के रद्द होने के बावजूद रांका ने कहा कि CJP का ‘School Thik Karo’ अभियान बंगाल में जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता सरकारी स्कूलों का दौरा करते रहेंगे और स्कूलों की खराब स्थिति को लेकर राज्य सरकार पर कार्रवाई का दबाव बनाएंगे।

रांका ने कहा कि उन्हें रोकने की जितनी कोशिश होगी, उनका अभियान उतना ही बड़ा होगा।

बांँकुड़ा में कार्यकर्ता के पिता की मौत का मामला

इससे पहले सोमवार को रांका ने बांँकुड़ा जिले के इंदास में CJP के एक स्वयंसेवक के पिता की मौत के मामले में कार्रवाई की मांग करते हुए सुवेंदु अधिकारी सरकार को 10 दिन का अल्टीमेटम दिया था।

रांका के मुताबिक, CJP के ‘School Thik Karo’ अभियान में शामिल स्वयंसेवक ने अपने गांव के स्कूल की बदहाल स्थिति का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया था। इसके बाद उसके पिता के साथ कथित मारपीट की गई।

रांका ने मामले में शामिल सभी आरोपियों की गिरफ्तारी और इंदास थाने में तैनात पुलिसकर्मियों की भूमिका की अदालत की निगरानी में जांच की मांग की है। उनका आरोप है कि पुलिस प्रशासन ने पीड़ित परिवार की पर्याप्त मदद नहीं की।

बताया गया है कि पिछले गुरुवार को बांँकुड़ा के इंदास स्थित करिशुंडा गांव में शेख अब्दुल हफीज के पिता शेख मोहम्मद मफिक पर उनके घर में हमला किया गया था। शनिवार को बर्दवान मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

मृतक के बेटे ने अपने पिता की स्मृति में गांव में उनके नाम पर एक स्कूल बनाए जाने की मांग भी की है।

फिलहाल CJP की बैठक रद्द होने को लेकर आशुतोष रांका के आरोपों ने पश्चिम बंगाल में राजनीतिक दबाव और विपक्षी गतिविधियों को लेकर नई बहस छेड़ दी है। हालांकि, हॉल मालिकों को कथित धमकी और बिजली आपूर्ति बाधित होने के आरोपों पर BJP या प्रेस क्लब की ओर से कोई पक्ष इस विवरण में सामने नहीं आया है।

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