भारत-अमेरिका कृषि डील पर अब तक का सबसे बड़ा हमला : किसान महासभा का मार्च

VISHAD KUMAR

भारत छोड़ो आंदोलन के 84वें दिवस पर अखिल भारतीय किसान महासभा ने 9 अगस्त को साम्राज्यवाद विरोधी दिवस के रूप में मनाया। बिहार के भोजपुर जिले के आरा में संगठन ने कॉरपोरेट भारत छोड़ो’ के नारे के साथ विरोध मार्च निकाला। मार्च पूर्वी रेलवे गुमटी से शुरू होकर शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए आरा रेलवे स्टेशन पहुंचा, जहां सभा आयोजित की गई।

मार्च के दौरान किसानों ने भारत-अमेरिका कृषि व्यापार समझौता रद्द करने, C2+50% MSP की कानूनी गारंटी देने और बिहार में सैटेलाइट टाउनशिप के नाम पर कृषि भूमि की लूट रोकने की मांग की। किसानों ने लैंडपुलिंग नीति वापस लेने, टोपो लैंड के नाम पर जमीन हड़पना बंद करने, उचित मुआवजा देने और किसानों को सस्ती खाद-उर्वरक उपलब्ध कराने की भी मांग उठाई।

कार्यक्रम की शुरुआत बाबू कुंवर सिंह की आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुई। सभा को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय किसान महासभा के जिलाध्यक्ष और पूर्व विधायक चंद्रदीप सिंह ने कहा कि भारत-अमेरिका कृषि व्यापार समझौता भारतीय खेती पर अब तक का सबसे बड़ा हमला होगा। चंद्रदीप सिंह ने बिहार सरकार की सैटेलाइट टाउनशिप और लैंडपुलिंग नीति पर भी सवाल उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके जरिए बड़े पैमाने पर कृषि भूमि को कॉरपोरेट हितों के लिए इस्तेमाल करने की तैयारी है।

जिला सचिव राजू यादव ने कहा कि लगातार कृषि भूमि के गैर-कृषि इस्तेमाल से आने वाले समय में खाद्यान्न संकट और पर्यावरण असंतुलन का खतरा बढ़ेगा। कार्यक्रम में राजू यादव, चंद्रदीप सिंह, जमाल असरफ, कृष्णा गुप्ता, दुदून सिंह, विजय यादव, जय कुमार सिंह, मुखिया भरत कुशवाहा, कुणाल सिंह और अजय सिंह सहित कई लोग शामिल हुए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *