देशभर में चलाएंगे ‘क्या बोलती पब्लिक’ अभियान
CENTRAL DESK
RSS प्रमुख मोहन भागवत की छात्रों के साथ हुई मुलाकात पर सवाल उठाते हुए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अगले महीने से देशव्यापी ‘क्या बोलती पब्लिक’ अभियान शुरू करने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि इस अभियान के जरिए देशभर के लोगों की राय जानी जाएगी और शिक्षा सुधार व बेरोज़गारी जैसे मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुखता से उठाया जाएगा। यह घोषणा महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में CJP की दो दिवसीय कोर टीम की बैठक के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में की गई। प्रेस वार्ता में CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास, प्रवक्ता आशुतोष रांका समेत पार्टी के अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
देशभर के लोगों से संवाद करेगा CJP
अभिजीत दीपके ने कहा कि ‘क्या बोलती पब्लिक’ अभियान का उद्देश्य लोगों के बीच जाकर यह जानना है कि वे देश की वर्तमान परिस्थितियों को किस नजरिए से देखते हैं और उनकी सबसे बड़ी समस्याएं क्या हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी सीधे जनता से संवाद कर उनके सुझावों और मुद्दों को अपने अभियान का आधार बनाएगी।
बेरोज़गारी और शिक्षा सुधार होंगे प्रमुख मुद्दे
दीपके ने कहा कि देश में बेरोज़गारी लगातार गंभीर चुनौती बनी हुई है और इसे राष्ट्रीय बहस का विषय बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में भी व्यापक सुधार की जरूरत है। उनके मुताबिक स्कूली शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक पढ़ाई लगातार महंगी होती गई है और शिक्षा को मुनाफे का माध्यम बना दिया गया है। CJP इस व्यवस्था में बदलाव की मांग को लेकर अभियान चलाएगी।
मोहन भागवत की छात्र मुलाकात पर उठाए सवाल
मुंबई में छात्रों के साथ RSS प्रमुख मोहन भागवत की मुलाकात पर प्रतिक्रिया देते हुए दीपके ने कहा कि यह पहल पहले होनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि जब 20 जुलाई को छात्रों पर लाठियां बरसाई गईं थीं, उसी समय उनसे संवाद किया जाना चाहिए था। दीपके ने कहा कि यदि समय रहते बातचीत होती तो छात्रों के बीच बेहतर संदेश जाता।
‘Gen Z को लंबे समय तक नजरअंदाज किया गया‘
दीपके ने कहा कि अगर छात्रों और युवाओं का आंदोलन नहीं हुआ होता तो देश के युवाओं की आवाज़ शायद नहीं सुनी जाती। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय तक युवाओं को गंभीरता से नहीं लिया गया और उनकी समस्याओं को नजरअंदाज किया गया। अब युवा अपनी बात खुलकर रख रहे हैं और राष्ट्रीय मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
छात्र आंदोलन को बताया बड़ी सफलता
दीपके ने दावा किया कि नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ियों के खिलाफ हुए आंदोलन का बड़ा असर पड़ा। उनके अनुसार छात्रों के आंदोलन ने राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा व्यवस्था को लेकर बहस छेड़ी और यह आंदोलन अपनी अहम उपलब्धियां हासिल करने में सफल रहा। उन्होंने कहा कि इन प्रदर्शनों में केवल छात्र ही नहीं बल्कि बड़ी संख्या में बेरोज़गार युवा भी शामिल हुए।
‘अब लोग अपनी आवाज़ बुलंद करेंगे‘
अभिजीत दीपके ने कहा कि हाल के आंदोलनों ने लोगों में अपनी बात खुलकर रखने का विश्वास बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में जनता अपने मुद्दों को लेकर और अधिक सक्रिय होगी। दीपके के अनुसार भारत की लगभग 60 प्रतिशत आबादी 35 वर्ष से कम उम्र की है और यही युवा वर्ग देश के भविष्य और बदलाव की सबसे बड़ी ताकत है।
