राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित रवि राज मुर्मू का सम्मान, आदिवासी सिनेमा की नई पहचान का जश्न

RANCHI

संताली लघु फिल्म ‘Angen’ के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्राप्त करने वाले युवा फिल्मकार रवि राज मुर्मू का 23 जुलाई 2026 को रांची में सम्मान किया गया। ट्राइबल सिनेमा ऑफ इंडिया (TCI) की ओर से अखड़ा, कांके में आयोजित राष्ट्रीय सम्मान समारोह में आदिवासी सिनेमा की इस उपलब्धि को गौरव और प्रेरणा का क्षण बताया गया।

समारोह में वक्ताओं ने कहा कि रवि राज मुर्मू की यह उपलब्धि केवल एक फिल्मकार की व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि संताली भाषा, आदिवासी संस्कृति और क्षेत्रीय सिनेमा की बड़ी जीत है। झारखंड के संथाल समुदाय से आने वाले रवि राज मुर्मू ने अपनी फिल्म के जरिए यह साबित किया है कि प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि Satyajit Ray Film & Television Institute (SRFTI), Kolkata के Vice-Chancellor Samiran Dutta थे। उनके साथ संस्थान के Associate Professor (Cinematography) Indranil Mukherjee और Associate Professor (Producing for Film & Television) Nilanjan Banerjee भी मौजूद रहे। अतिथियों ने रवि राज मुर्मू को शॉल ओढ़ाकर और पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया।

इस अवसर पर कहा गया कि यह सम्मान उन सभी कलाकारों, लेखकों, निर्देशकों, तकनीशियनों और युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो अपनी मातृभाषा, संस्कृति और कहानियों को सिनेमा के माध्यम से व्यापक मंच तक पहुंचाने का सपना देखते हैं। रवि राज मुर्मू की उपलब्धि को झारखंड की आदिवासी भाषाओं और क्षेत्रीय सिनेमा की सामूहिक उपलब्धि के रूप में भी देखा गया।

समारोह में ट्राइबल सिनेमा ऑफ इंडिया (TCI) के पदाधिकारी Biju Toppo, Tez Mundu, Monika Mundu, Sandip Princi Lakra, Jagat Lakra, Star Kurux Boy और Surendra Kujur मौजूद रहे। वहीं अखड़ा के पदाधिकारी Meghnath Da की भी गरिमामयी उपस्थिति रही।

TCI की ओर से झारखंड में क्षेत्रीय सिनेमा के विकास के लिए Multi Community Cinema Hall की स्थापना की मांग भी राज्य सरकार के समक्ष रखी गई। संगठन का कहना है कि ऐसे मंच से आदिवासी और क्षेत्रीय भाषाओं की फिल्मों को प्रदर्शन का उचित अवसर मिलेगा और झारखंड के सिनेमा को नई गति मिलेगी।

समारोह में कहा गया कि यह उपलब्धि केवल एक संताली फिल्म की सफलता नहीं, बल्कि झारखंड सहित देश की आदिवासी भाषाओं, कलाकारों और सांस्कृतिक विरासत के लिए गर्व और प्रेरणा का अवसर है। Tribal Cinema Of India (TCI) ने आदिवासी सिनेमा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने और स्थानीय भाषाओं व कहानियों को विश्व मंच पर पहचान दिलाने के लिए सामूहिक प्रयास का आह्वान किया।

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