DEOGHAR
राजकीय श्रावणी मेला-2026 को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालु-अनुकूल बनाने के उद्देश्य से झारखंड और बिहार के अधिकारियों की महत्वपूर्ण इंटर स्टेट को-ऑर्डिनेशन बैठक देवघर परिसदन में आयोजित की गई। संथाल परगना आयुक्त संजय कुमार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में दोनों राज्यों के उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक के दौरान सुल्तानगंज से देवघर तक कांवरिया पथ पर श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने, सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने तथा आपसी समन्वय को प्रभावी बनाने पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने कहा कि जल भरने से लेकर बाबा बैद्यनाथ मंदिर में जलार्पण तक श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी जिलों को संयुक्त रूप से कार्य करना होगा।
संथाल परगना आयुक्त ने बताया कि श्रावणी मेला के दौरान देवघर और दुमका में लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में भीड़ प्रबंधन को लेकर विशेष तैयारी की गई है। मेला क्षेत्र में कई होल्डिंग प्वाइंट बनाए जा रहे हैं, जहां बिजली, पंखा, मोबाइल चार्जिंग, शौचालय, स्वास्थ्य सुविधा, स्नानागार और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी।
उन्होंने कहा कि इस बार सूचना तकनीक का व्यापक उपयोग किया जाएगा, ताकि विभिन्न जिलों और राज्यों के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान तेज और प्रभावी हो सके। छोटे बच्चों और बुजुर्ग श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उनके साथ पहचान और संपर्क संबंधी जानकारी रखने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।
भागलपुर प्रमंडल के आयुक्त ने कहा कि भागलपुर, बांका और मुंगेर सहित सीमावर्ती जिलों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण की व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। अंतरराज्यीय सीमाओं पर विशेष निगरानी और सघन जांच अभियान भी चलाया जाएगा।
बैठक की शुरुआत अनुमंडल पदाधिकारी, देवघर सदर रवि कुमार द्वारा पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से श्रावणी मेला-2026 की तैयारियों की जानकारी देकर की गई। उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया ने बताया कि रविवार और सोमवार को श्रद्धालुओं की संख्या अधिक होने की स्थिति में कतार कुमैठा तक पहुंच सकती है। इसे देखते हुए विभिन्न स्थानों पर दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी और कर्मियों की तैनाती की गई है।
समीक्षा बैठक में गोड्डा, भागलपुर, बांका, मुंगेर और जमुई के अधिकारियों ने भी अपने-अपने जिलों की तैयारियों, इंटर स्टेट बॉर्डर को-ऑर्डिनेशन और सुरक्षा प्रबंधन की जानकारी साझा की।
बैठक के दौरान यह भी निर्णय लिया गया कि बिहार से आने वाले किसी भी छोटे या बड़े वाहन की छत पर श्रद्धालुओं को बैठने की अनुमति नहीं होगी। डबल डेकर वाहनों के प्रवेश पर भी पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। सीमावर्ती जिलों से इस व्यवस्था को सख्ती से लागू कराने में सहयोग की अपील की गई।
उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया ने जलार्पण व्यवस्था, रूट लाइनिंग, स्वास्थ्य सेवाओं, आवासन, पेयजल और शौचालय की व्यवस्थाओं की जानकारी देते हुए कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए इस वर्ष भी वीआईपी पूजा की सुविधा नहीं रहेगी, ताकि आम श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
बैठक में यह भी तय किया गया कि सुल्तानगंज से देवघर तक पूरे कांवरिया पथ पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे और दोनों राज्यों के संबंधित अधिकारी चौबीसों घंटे आपसी संपर्क में रहकर कार्य करेंगे।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आईजी भागलपुर, डीआईजी भागलपुर, डीआईजी दुमका, एसएसपी भागलपुर, विभिन्न जिलों के जिलाधिकारी, उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक तथा संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी बैठक से जुड़े और श्रावणी मेला-2026 को सफल बनाने के लिए साझा रणनीति पर सहमति जताई।
