RANCHI
झारखंड सरकार के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने अपनी सुरक्षा में तैनात पुलिस बल और सरकारी वाहन वापस कर दिए हैं। इस फैसले के पीछे उन्होंने प्रशासनिक असुविधा और हाल में मिले एक सरकारी नोटिस से हुई शर्मिंदगी को वजह बताया है।
मंत्री ने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को भेजे पत्र में कहा है कि उनकी सुरक्षा के लिए 16 पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे, जबकि उनके पास केवल तीन वाहन उपलब्ध थे। ऐसे में जवानों को एक ही गाड़ी में समायोजित करना पड़ता था, जिससे न केवल असुविधा होती थी, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था पर भी असर पड़ रहा था।
अप्रैल में ही उठाया था मुद्दा
मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने 21 अप्रैल 2026 को ही डीजीपी को पत्र लिखकर पर्याप्त वाहनों की व्यवस्था करने का अनुरोध किया था। उन्होंने स्पष्ट किया था कि मौजूदा संसाधनों के साथ सुरक्षा कर्मियों का उचित प्रबंधन संभव नहीं है। हालांकि, उनकी मांग के अनुरूप अतिरिक्त वाहन उपलब्ध नहीं कराए गए।
नोटिस के बाद बढ़ी नाराजगी
इसी बीच वित्त विभाग के संयुक्त सचिव पंकज कुमार सिंह की ओर से मंत्री के आप्त सचिव को एक नोटिस भेजा गया। इसमें वर्ष 2022 के एक आदेश का हवाला देते हुए एक सरकारी वाहन को पुलिस मुख्यालय वापस करने का अनुरोध किया गया।
सूत्रों के अनुसार, इस घटनाक्रम से मंत्री खुद को असहज और शर्मिंदा महसूस कर रहे थे। 29 जून 2026 को डीजीपी को लिखे अपने पत्र में उन्होंने कहा कि नोटिस की वजह से उनके लिए असुविधाजनक स्थिति उत्पन्न हुई है, इसलिए वे वाहन के साथ-साथ पूरी पुलिस सुरक्षा व्यवस्था भी वापस कर रहे हैं।
बिना काफिले के कार्यक्रमों में पहुंच रहे मंत्री
सुरक्षा बल और सरकारी वाहन लौटाने के बाद मंत्री राधाकृष्ण किशोर अब कई सार्वजनिक कार्यक्रमों में बिना बड़े काफिले के पहुंच रहे हैं। उनके इस कदम को लेकर राजनीतिक गलियारों में भी चर्चाओं का दौर जारी है।
हालांकि, इस पूरे मामले पर सरकार या पुलिस मुख्यालय की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
