Chirang
असम के चिरांग जिले में आइ नदी का उफान भारी तबाही लेकर आया है। दंगाईगांव-नेपालपारा को जोड़ने वाला बांस का पुल शनिवार को तेज बहाव में बह गया, जिससे सैकड़ों ग्रामीणों का संपर्क टूट गया और 300 से अधिक छात्रों की अर्धवार्षिक परीक्षाएं प्रभावित होने का खतरा पैदा हो गया।
बताया जा रहा है कि शनिवार सुबह भूटान की ओर से अचानक बड़े पैमाने पर पानी आने के बाद नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा और कुछ ही समय में यह महत्वपूर्ण पुल बह गया। यह पुल नदी के दूसरी ओर बसे कई गांवों के लिए जीवनरेखा माना जाता था।
पुल के ध्वस्त होने के बाद छात्र, अभिभावक और स्थानीय लोग फंस गए, जिससे स्कूलों और अन्य जरूरी सेवाओं तक पहुंच बाधित हो गई। प्रशासन ने तत्काल नाव सेवा शुरू कर दी है ताकि लोगों को वैकल्पिक आवागमन की सुविधा मिल सके।
चिरांग के उपायुक्त गोकुल ब्रह्मा ने कहा कि जो छात्र परीक्षा में शामिल नहीं हो सके हैं, उनके संबंध में शिक्षा विभाग से चर्चा कर उचित निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि अचानक आई बाढ़ की स्थिति ने पूरे इलाके को प्रभावित किया है।
वहीं, स्थानीय लोगों ने फेरी घाट के संचालन और टेंडर प्रक्रिया में अनियमितताओं का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यदि समय रहते बेहतर वैकल्पिक व्यवस्था की गई होती तो आज इतनी बड़ी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता। ग्रामीणों ने सरकार से तत्काल स्थायी या अस्थायी समाधान उपलब्ध कराने की मांग की है।
उधर, असम के कई हिस्सों में बाढ़ का संकट लगातार गहराता जा रहा है। नदियों का बढ़ता जलस्तर, तटबंधों पर दबाव और लगातार बारिश ने कई जिलों में हालात गंभीर बना दिए हैं। राज्य सरकार ने संवेदनशील क्षेत्रों में हाई अलर्ट जारी कर राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिए हैं।
