NEW DELHI
सोमवार सुबह भारतीय शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला, जब सोने और ज्वेलरी सेक्टर से जुड़ी प्रमुख कंपनियों के शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से विदेशी मुद्रा भंडार बचाने के लिए नागरिकों से सोने की खरीदारी और गैर-जरूरी विदेश यात्राएं टालने की अपील के बाद निवेशकों में घबराहट बढ़ गई। इसका सीधा असर ज्वेलरी कंपनियों के शेयरों पर दिखाई दिया।
शेयर बाजार खुलते ही Titan Company, Kalyan Jewellers India, Senco Gold, Sky Gold and Diamonds और PC Jewellers समेत कई कंपनियों के शेयर धड़ाम हो गए। Titan का शेयर 7 प्रतिशत से अधिक टूटकर 4,153 रुपये के निचले स्तर तक पहुंच गया। वहीं Kalyan Jewellers, Senco Gold और Sky Gold के शेयरों में 10 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह गिरावट उन निवेशकों के लिए बड़ा झटका है, जो 2025 के कमजोर त्योहारी सीजन के बाद ज्वेलरी सेक्टर में सुधार की उम्मीद लगाए बैठे थे। बाजार में आई इस बिकवाली का असर व्यापक रूप से देखने को मिला और BSE Sensex तथा NSE Nifty 50 दोनों में एक प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स करीब 1,100 अंक टूटकर 76,236.70 के इंट्राडे निचले स्तर तक पहुंच गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया में जारी संकट और बढ़ती वैश्विक आर्थिक चुनौतियों का हवाला देते हुए देशवासियों से विदेशी मुद्रा बचाने की अपील की। उन्होंने कहा कि कच्चे तेल, पेट्रोल, रासायनिक खाद और अन्य आयातित वस्तुओं की कीमतों में तेजी से वृद्धि हो रही है, जिससे भारत के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बढ़ा है।
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि देश को आर्थिक रूप से मजबूत बनाए रखने के लिए लोगों को एक वर्ष तक सोने की खरीदारी टालनी चाहिए और गैर-जरूरी विदेश यात्राओं से बचना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि पेट्रोल-डीजल, खाद और खाने के तेल की खपत कम करना वर्तमान परिस्थितियों में जरूरी कदम है।
जानकारों के अनुसार, सरकार की यह अपील विदेशी मुद्रा संकट और बढ़ते चालू खाता घाटे को नियंत्रित करने की रणनीति का हिस्सा है। हालांकि इसका असर बाजार और उपभोक्ता मांग पर नकारात्मक रूप से पड़ सकता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि लोग बड़े स्तर पर खर्च कम करते हैं तो वित्त वर्ष 2027 में आर्थिक विकास दर प्रभावित हो सकती है।
विशेष रूप से पेट्रोलियम, ज्वेलरी, पर्यटन, होटल और विमानन जैसे क्षेत्रों में कारोबार धीमा पड़ने की आशंका जताई जा रही है। सोने के आयात में कमी आने से ज्वेलरी उद्योग पर भी दबाव बढ़ सकता है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोना उपभोक्ता देश है और वित्त वर्ष 2026 में हर महीने औसतन 60 टन सोने का आयात किया गया। इस पर हर महीने करीब 6 अरब डॉलर का विदेशी मुद्रा खर्च हुआ।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में सरकार की नीतियों और वैश्विक परिस्थितियों के आधार पर बाजार की दिशा तय होगी। फिलहाल निवेशकों में सतर्कता का माहौल बना हुआ है और ज्वेलरी सेक्टर के शेयरों पर दबाव जारी रह सकता है।
