RAMGARH
बचरा साइडिंग में असंगठित मजदूरों का चार दिनों से चल रहा अनिश्चितकालीन धरना शुक्रवार को खत्म हो गया। प्रबंधन और मजदूरों के बीच हुई वार्ता के बाद वेतन वृद्धि पर सहमति बनी, जिसे मजदूरों की आंशिक जीत माना जा रहा है।
साइडिंग में कार्यरत 68 असंगठित मजदूर लंबे समय से वेतन बढ़ाने की मांग कर रहे थे। धरना के दौरान मजदूरों ने स्पष्ट किया था कि नई कंपनी के काम शुरू करने से पहले उचित मजदूरी तय की जाए।
वार्ता के बाद वेतनमान में कुछ बढ़ोतरी पर सहमति बनी। रैंक लेबलिंग मजदूरों का वेतन ₹10,000 से बढ़ाकर ₹11,500 कर दिया गया, जबकि मुंशी का वेतन ₹10,000 से बढ़ाकर ₹12,000 किया गया। वहीं पे-लोडर चलाने वाले लोडिंग ऑपरेटर का वेतन ₹15,500 से बढ़ाकर ₹17,000 तय किया गया।
धरना समाप्ति से पहले बचरा साइडिंग परिसर में लिखित समझौता भी हुआ। इस दौरान सीएचपी-सीपीपी परियोजना पदाधिकारी पीके सिंह, साइडिंग मैनेजर विश्वनाथ, जेएलकेएम के बचरा दक्षिणी पंचायत अध्यक्ष कृष्णा यादव, बचरा उत्तरी की पूर्व मुखिया मीना कुमारी समेत कई मजदूर मौजूद रहे।
मजदूरों का आरोप था कि पूर्व में कार्यरत ‘हंस’ कंपनी द्वारा उनका आर्थिक शोषण किया गया। नई कंपनी ‘देव ट्रेडिंग’ के आने के बाद उन्हें बेहतर वेतन की उम्मीद थी, जिसे लेकर वे आंदोलन कर रहे थे।
हालांकि, मामूली वेतन वृद्धि पर सहमति बनने के बाद मजदूरों ने फिलहाल धरना समाप्त कर दिया है। साथ ही चेतावनी दी है कि भविष्य में मांगों की अनदेखी होने पर वे फिर से आंदोलन शुरू करेंगे।
