अमेरिका-ईरान डील फिर फेल! इस्लामाबाद में बातचीत अधूरी, मिडिल ईस्ट में बढ़ा युद्ध का साया

Central Desk

अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में चली लंबी वार्ता आखिरकार बेनतीजा खत्म हो गई। JD Vance ने साफ कहा कि कई घंटों की बातचीत के बावजूद कोई ठोस समझौता नहीं बन पाया। उनके मुताबिक, ईरान परमाणु हथियार कार्यक्रम को छोड़ने के लिए तैयार नहीं हुआ, जो इस बातचीत की सबसे बड़ी बाधा बना।

ईरान की ओर से भी अलग तस्वीर सामने आई। विदेश मंत्रालय ने सरकारी मीडिया को बताया कि “दो या तीन अहम मुद्दों” पर गहरी असहमति के कारण डील अटक गई। वहीं पाकिस्तान ने खुद को इस पूरे घटनाक्रम में एक सक्रिय मध्यस्थ बताया। Pakistan Foreign Minister ने कहा कि इस्लामाबाद ने अपनी भूमिका निभाई है और आगे भी शांति के लिए प्रयास जारी रखेगा।

दरअसल, शनिवार सुबह शुरू हुई यह बातचीत लगातार पूरी रात चलती रही और रविवार सुबह तक जारी रही, लेकिन इसके बावजूद किसी स्थायी समाधान पर सहमति नहीं बन सकी। वार्ता खत्म होने के बाद वेंस ने तल्ख लहजे में कहा कि यह स्थिति अमेरिका से ज्यादा ईरान के लिए नुकसानदेह है और अमेरिकी टीम बिना किसी समझौते के ही वापस लौट रही है।

वेंस ने यह भी दावा किया कि अमेरिका ने बातचीत में “लचीला रुख” अपनाया था और समझौते के लिए ईमानदार कोशिश की, लेकिन ईरान ने शर्तें मानने से इनकार कर दिया। उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि क्या ईरान में वास्तव में लंबे समय तक परमाणु हथियार न बनाने की कोई गंभीर इच्छा है, जिसका जवाब उन्हें अभी तक नहीं मिला।

दूसरी ओर, ईरान ने इस असफलता के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया। सरकारी एजेंसी ‘तस्नीम’ के मुताबिक, अमेरिका की “हद से ज्यादा मांगें और दखलंदाजी” ही बातचीत टूटने की वजह बनीं।

इसी बीच, क्षेत्रीय तनाव कम होने के बजाय और बढ़ता नजर आ रहा है। दक्षिणी Lebanon में Israel के हमले पूरी रात जारी रहे। रिपोर्ट्स के अनुसार एक हमले में रिहायशी घर को निशाना बनाया गया, जिसमें कई लोगों की मौत और कई घायल हुए हैं।

कुल मिलाकर, इस्लामाबाद में हुई यह बातचीत न सिर्फ बेनतीजा रही, बल्कि मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और संभावित बड़े टकराव की आशंका को और गहरा कर गई है।

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