देश में पहला: टाटा का ग्रीन स्टील प्लांट शुरू, स्क्रैप से बनेगा स्टील



JAMSHEDPUR

Tata Steel ने पंजाब के Ludhiana में भारत का पहला स्क्रैप-आधारित ‘ग्रीन स्टील’ प्लांट शुरू किया है। करीब 3,200 करोड़ रुपये की लागत से बने इस अत्याधुनिक प्लांट को इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस (EAF) तकनीक पर विकसित किया गया है, जो कम कार्बन उत्सर्जन के साथ स्टील उत्पादन को बढ़ावा देगा।

यह प्लांट हर साल लगभग 0.75 मिलियन टन स्टील उत्पादन करेगा और प्रति टन स्टील पर CO₂ उत्सर्जन 0.3 टन से भी कम रखने का लक्ष्य है, जो पारंपरिक तरीकों की तुलना में काफी कम है।

स्क्रैप से स्टील, सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा

इस प्लांट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें 100% स्टील स्क्रैप का उपयोग किया जाएगा। इसका लगभग 40% स्क्रैप हरियाणा के रोहतक स्थित रीसाइक्लिंग प्लांट से आएगा।

प्लांट करीब 50% नवीकरणीय ऊर्जा पर संचालित होगा, जिससे पानी की खपत और कार्बन उत्सर्जन दोनों में कमी आएगी। यहां ‘टाटा टिस्कॉन’ ब्रांड के तहत कंस्ट्रक्शन-ग्रेड स्टील रिबार का उत्पादन किया जाएगा।

उद्घाटन में दिग्गजों की मौजूदगी

प्लांट के उद्घाटन में पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Mann, टाटा संस के चेयरमैन Natarajan Chandrasekaran और कंपनी के सीईओ व एमडी T. V. Narendran सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

कंपनी नेतृत्व ने इसे 2045 तक ‘नेट जीरो’ उत्सर्जन लक्ष्य की दिशा में एक बड़ा कदम बताया और सस्टेनेबिलिटी को भविष्य की औद्योगिक जरूरत बताया।

रोजगार और सामाजिक विकास पर फोकस

प्लांट के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों में सामाजिक विकास की पहल भी की गई है। टाटा स्टील फाउंडेशन ने स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और कौशल विकास के क्षेत्र में कई कार्यक्रम चलाए हैं।

स्थानीय आईटीआई छात्रों को रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण, महिलाओं के लिए आजीविका के अवसर, सोलर स्ट्रीट लाइट, पर्यावरण शिक्षा और जलवायु-अनुकूल कृषि जैसी पहलें इस प्रोजेक्ट का हिस्सा हैं।

यह प्लांट न केवल स्टील उद्योग में तकनीकी बदलाव का संकेत है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ विकास की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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