NEW DELHI
कोरोना महामारी के बाद अब एक नया वेरिएंट BA.3.2, जिसे ‘सिकाडा’ नाम दिया गया है, तेजी से चर्चा में है। यह ओमिक्रॉन का सब-वेरिएंट माना जा रहा है और अब तक 23 देशों में इसकी मौजूदगी दर्ज की जा चुकी है। स्वास्थ्य एजेंसियां इसके फैलाव पर नजर बनाए हुए हैं और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
23 देशों में दर्ज हुई मौजूदगी
रिपोर्ट्स के अनुसार यह वेरिएंट अमेरिका के कई राज्यों के अलावा यूरोप, एशिया और अन्य क्षेत्रों में भी फैल चुका है। जिन 23 देशों में इसकी पहचान हुई है, उनमें—अमेरिका, कनाडा, मैक्सिको, ब्राजील, यूनाइटेड किंगडम, जर्मनी, फ्रांस, इटली, स्पेन, नीदरलैंड्स, स्वीडन, रूस, भारत, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, दक्षिण अफ्रीका, यूएई, सऊदी अरब और तुर्की शामिल हैं।
लक्षण और वैज्ञानिकों की राय
विशेषज्ञों के अनुसार इसके लक्षण पहले के कोविड वेरिएंट्स जैसे ही हैं—खांसी, बुखार, गले में खराश, सांस लेने में दिक्कत, थकान, सिरदर्द और स्वाद-गंध का चले जाना। वैज्ञानिकों का कहना है कि इस वेरिएंट में 70 से अधिक म्यूटेशन पाए गए हैं, जिससे यह इम्यून सिस्टम को अलग तरीके से प्रभावित कर सकता है। हालांकि अभी तक यह साबित नहीं हुआ है कि यह ज्यादा गंभीर बीमारी पैदा करता है।
एंटीबॉडी से बचने की क्षमता पर चिंता
शुरुआती अध्ययनों में संकेत मिले हैं कि BA.3.2 वेरिएंट में एंटीबॉडी से बच निकलने की क्षमता हो सकती है। इससे वैक्सीन की प्रभावशीलता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल इस पर रिसर्च जारी है और स्वास्थ्य एजेंसियां लगातार निगरानी कर रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि लक्षण भले ही सामान्य हों, लेकिन इसके तेजी से फैलने की वजह से सावधानी बेहद जरूरी है।
इस नए वेरिएंट के सामने आने के बाद एक बार फिर वैश्विक स्तर पर सतर्कता बढ़ा दी गई है, ताकि किसी भी संभावित खतरे से समय रहते निपटा जा सके।
क्या हैं इसके लक्षण
BA.3.2 यानी ‘सिकाडा’ कोरोना वेरिएंट के लक्षण फिलहाल अन्य कोविड वेरिएंट्स जैसे ही बताए जा रहे हैं। इसमें सामान्यतः बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बंद या बहना, थकान, सिरदर्द और शरीर में दर्द शामिल हैं। कुछ मरीजों में सांस लेने में दिक्कत, स्वाद और गंध का कम या खत्म होना, तथा हल्की पेट संबंधी समस्याएं भी देखी गई हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि लक्षण भले ही साधारण लगें, लेकिन इसके तेजी से फैलने और म्यूटेशन अधिक होने के कारण सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।
