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झारखंड हाईकोर्ट में सोमवार को फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर (FRO) और असिस्टेंट कंजरवेटर ऑफ फॉरेस्ट (ACF) परीक्षा से जुड़े मामले में अहम सुनवाई हुई। अदालत ने राज्य सरकार को मामले में काउंटर एफिडेविट दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 24 सितंबर 2026 को होगी।
सुनवाई के दौरान अदालत ने मौखिक रूप से स्पष्ट किया कि यदि सरकार इन दोनों भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर कोई कार्रवाई करती है, तो संबंधित पक्ष कोर्ट में आवेदन दे सकता है। फिलहाल दोनों परीक्षाओं के आधार पर नियुक्ति नहीं हुई है और सरकार की ओर से इन्हें रद्द करने का फैसला प्रभावी बना हुआ है।
क्या है FRO-ACF परीक्षा का मामला?
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) ने असिस्टेंट कंजरवेटर ऑफ फॉरेस्ट (Advertisement No. 03/2024) और फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर (Advertisement No. 04/2024) के पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की थी। रिकॉर्ड के मुताबिक ACF की प्रारंभिक परीक्षा 13 जुलाई 2025 को और FRO की प्रारंभिक परीक्षा 29 जून 2025 को आयोजित की गई थी।
इसके बाद भर्ती प्रक्रिया को लेकर मामला अदालत तक पहुंचा। अगस्त 2026 में राज्य सरकार ने कथित अनियमितताओं को लेकर कई भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया। रद्द की गई परीक्षाओं की सूची में ACF और Forest Range Officer की भर्ती भी शामिल थी।
गौरतलब है कि इससे पहले हाईकोर्ट के समक्ष JPSC ने ACF और FRO भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की जानकारी दी थी। दिसंबर 2025 में अदालत के रिकॉर्ड में JPSC की ओर से बताया गया था कि ACF की प्रारंभिक परीक्षा हो चुकी है और FRO समेत संबंधित परीक्षाओं के आगे के चरण पूरे करने की प्रक्रिया चल रही है।
अब हाईकोर्ट में क्या स्थिति?
सरकार के परीक्षा रद्द करने के फैसले के बाद इस मामले में हाईकोर्ट की सुनवाई महत्वपूर्ण हो गई है। सोमवार की सुनवाई में अदालत ने राज्य सरकार से अपना पक्ष काउंटर एफिडेविट के जरिए रखने को कहा है।
फिलहाल ACF और FRO दोनों परीक्षाओं में नियुक्ति नहीं हुई है। अदालत ने यह भी कहा है कि यदि सरकार भर्ती प्रक्रिया को लेकर आगे कोई कदम उठाती है, तो संबंधित पक्ष कोर्ट का रुख कर सकता है।
अब इस मामले की अगली सुनवाई 24 सितंबर को होगी। उस दिन सरकार के काउंटर एफिडेविट और मामले में उठाए गए कानूनी सवालों पर आगे की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।


