RANCHI
झारखंड की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है, जहां झारखंड प्रदेश कांग्रेस ने अपने पूर्व मंत्री योगेंद्र साव का निष्कासन रद्द करते हुए उन्हें फिर से पार्टी में शामिल कर लिया है। इस फैसले के साथ साव की कांग्रेस में औपचारिक वापसी हो गई है।
गौरतलब है कि योगेंद्र साव को पहले अनुशासनहीनता के आरोपों के चलते तीन साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था। यह कार्रवाई झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अनुशासन समिति द्वारा संगठनात्मक अनुशासन बनाए रखने के उद्देश्य से की गई थी। उन्हें इसी साल मार्च में बिना किसी नोटिस के पार्टी से बाहर किया गया था।
उनके निष्कासन को लेकर उस समय राजनीतिक हलकों में काफी चर्चा और बयानबाजी भी हुई थी। योगेंद्र साव ने उस फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा था कि जब वे विस्थापन की लड़ाई लड़ रहे थे, तब उनकी आवाज को नजरअंदाज किया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि पार्टी के कुछ नेता कांग्रेस को मजबूत करने के बजाय अंदरूनी राजनीति में लगे हुए हैं।
साव ने अपनी पुरानी पृष्ठभूमि का जिक्र करते हुए कहा था कि वह 1984 से कांग्रेस से जुड़े हैं और राजीव गांधी की विचारधारा से प्रभावित होकर पार्टी में आए थे। उन्होंने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को अपना आदर्श नेता बताया था और सवाल उठाया था कि क्या राज्य में कांग्रेस स्वतंत्र रूप से काम कर रही है या किसी दबाव में संचालित हो रही है।
