Maharashtra/New Delhi
नीट पेपर लीक आंदोलन के बाद देशभर में अपनी पहचान बनाने वाली कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अब अपने अगले चरण की रणनीति तैयार करने की कवायद शुरू कर दी है। महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में बुधवार से शुरू हुई संगठन की दो दिवसीय कोर कमेटी की बैठक में बेरोजगारी, एथेनॉल मिश्रित ईंधन (E20), युवाओं से जुड़े मुद्दों और हालिया छात्र आंदोलनों की समीक्षा प्रमुख एजेंडा है। बैठक गुरुवार तक चलेगी।
संगठन के संस्थापक अभिजीत दिपके ने कहा कि फिलहाल CJP चुनावी राजनीति में उतरने की बजाय देश में एक ‘पब्लिक प्रेशर ग्रुप’ के रूप में काम करेगी। उन्होंने कहा कि आज लोगों का भरोसा कई संस्थाओं से कमजोर हुआ है और ऐसे समय में जनता की आवाज को मजबूती से उठाने वाले एक मजबूत सामाजिक दबाव समूह की जरूरत है।
दिपके ने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर से शुरू हुए छात्र आंदोलन को पूरे देश से अभूतपूर्व समर्थन मिला। इसके बाद संगठन की जिम्मेदारियां और बढ़ गई हैं। इसी को देखते हुए बैठक में संगठन के विस्तार, राज्यों में नई इकाइयों के गठन और भविष्य के आंदोलन की रूपरेखा पर भी चर्चा की जा रही है। साथ ही युवाओं से जुड़े नए मुद्दों को संगठन के एजेंडे में शामिल करने पर भी विचार हो रहा है।
CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने बताया कि हालिया छात्र आंदोलनों के दौरान विभिन्न राज्यों में छात्रों पर दर्ज एफआईआर वापस लेने की मांग को लेकर सरकार के प्रतिनिधियों से बातचीत की जा रही है। इसके अलावा आंदोलन के दौरान घायल हुए छात्रों को कानूनी और चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराने की योजना पर भी काम किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक आगे भी संगठन के मार्गदर्शक बने रहेंगे।
अभिजीत दिपके ने झारखंड में जेपीएससी और अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों का समर्थन भी दोहराया। उन्होंने कहा कि CJP का प्रतिनिधिमंडल जल्द झारखंड जाएगा और आंदोलनरत छात्रों की मांगों के साथ मजबूती से खड़ा रहेगा।
हालांकि, संगठन ने साफ कर दिया है कि फिलहाल उसका किसी राजनीतिक दल के रूप में चुनाव लड़ने का कोई इरादा नहीं है। प्राथमिकता देशभर में युवाओं और आम लोगों से जुड़े मुद्दों पर जनआंदोलन को मजबूत करना है।
