BEGUSARAI
नीतीश कुमार शनिवार को अपनी समृद्धि यात्रा के दौरान बेगूसराय पहुंचे, जहां बियाडा स्थित सभा स्थल पर आयोजित जनसभा को उन्होंने संबोधित किया। इस दौरान अपने भाषण के बीच अचानक कुछ लोगों के सभा स्थल से उठकर जाने पर मुख्यमंत्री ने मंच से ही उन्हें रोकते हुए अपने अंदाज में टोका-टाकी कर दी, जिस पर सभा में मौजूद लोगों के बीच चर्चा का माहौल बन गया।
सभा से जाते लोगों को देखकर बोले– ‘काहे भाग रहे हैं?’
मुख्यमंत्री ने मंच से कहा, “अरे कहां भाग रहे हैं? हम बंद कर दें क्या? काहे भाग रही हैं? पहले उधर से जा रही थीं, अब पीछे से जा रही हैं। अगर सब भाग जाएगा तो हम छोड़ देते हैं, बोलिए हम छोड़ दें? जहां बैठी हैं वहीं बैठकर सुनिए। आप लोग हैं ना, सब लोग सुनिए। हाथ उठाकर बताइए, होगा ना भाषण?” उन्होंने आगे कहा कि यहां सारी व्यवस्था की गई है, फिर भी लोग उठकर क्यों जा रहे हैं। सीएम के इस अंदाज पर सभा में मौजूद लोगों ने मुस्कराते हुए प्रतिक्रिया दी।
कानून व्यवस्था और विकास कार्यों का किया जिक्र
अपने संबोधन में नीतीश कुमार ने कहा कि राज्य में सरकार लगातार विकास कार्य कर रही है और केंद्र सरकार का भी सहयोग मिल रहा है। उन्होंने कहा कि 2005 में एनडीए की सरकार बनने के बाद से बिहार में कानून का राज स्थापित हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार से पहले राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब थी। लोग शाम के समय घरों से निकलने में डरते थे, जबकि शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था भी कमजोर थी।
कब्रिस्तानों और मंदिरों की बाउंड्री का भी जिक्र
सीएम ने कहा कि पहले अक्सर हिंदू-मुस्लिम विवाद होते थे। सरकार बनने के बाद कब्रिस्तानों की घेराबंदी करवाई गई, जिससे कई विवाद खत्म हुए। बाद में कुछ जगह मंदिरों को लेकर भी विवाद सामने आए, तो मंदिरों की भी बाउंड्री बनवाई गई। उन्होंने कहा कि इन कदमों से अब राज्य में शांति और सौहार्द का माहौल बना है।
रोजगार को लेकर सरकार का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने अब तक करीब 50 लाख युवाओं को नौकरी और रोजगार उपलब्ध कराया है। आने वाले पांच वर्षों में एक करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि आगामी समय में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर और बढ़ाए जाएंगे, ताकि राज्य के विकास को नई गति मिल सके।
