NEW DELHI
राम मंदिर चढ़ावे में कथित चोरी और अनियमितताओं की रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकार अभिषेक उपाध्याय ने उत्तर प्रदेश पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि गाजियाबाद पुलिस की क्राइम ब्रांच ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X से उनकी पूरी डिजिटल जानकारी मांगी है। उपाध्याय का आरोप है कि इस कार्रवाई का मकसद उनकी खबरों के स्रोतों तक पहुंचना और उन्हें दबाव में लेना है।
उपाध्याय ने X पर दावा किया कि पुलिस ने 1 जून 2026 से उनके डिजिटल रिकॉर्ड मांगे हैं। इसी अवधि में उन्होंने अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी से जुड़ी रिपोर्टिंग शुरू की थी। उन्होंने कहा कि 7 जून को उन्होंने इस मामले की खबर सार्वजनिक की थी।
‘सूत्रों तक पहुंचने की कोशिश’
पत्रकार के मुताबिक पुलिस ने X से लॉगिन-लॉगआउट IP एड्रेस, वैकल्पिक ई-मेल, मोबाइल नंबर, लोकेशन, डिवाइस डिटेल, IMEI नंबर, अकाउंट संबंधी जानकारी और पूरे IP लॉग की मांग की है। उपाध्याय का आरोप है कि FIR दर्ज करने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर उनके खबरों के सूत्रों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
उपाध्याय ने कहा कि उन्होंने जून के पहले सप्ताह से राम मंदिर चढ़ावे में कथित गड़बड़ी से जुड़े मामले को लगातार रिपोर्ट किया और पुलिस ने भी ठीक उसी अवधि का डिजिटल रिकॉर्ड मांगा है।
सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत
इस बीच सुप्रीम कोर्ट ने 25 अगस्त को उपाध्याय के खिलाफ दर्ज रोड-रेज FIR में पुलिस की कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगाते हुए उन्हें राहत दी है। कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से जवाब मांगा है और पुलिस को FIR की प्रति उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 7 सितंबर को होगी।
उपाध्याय ने आरोप लगाया है कि उनके खिलाफ दर्ज FIR उनकी खोजी पत्रकारिता को लेकर प्रतिशोध की कार्रवाई है। हालांकि, उत्तर प्रदेश पुलिस ने उनके डिजिटल रिकॉर्ड मांगने संबंधी आरोपों पर अब तक कोई जवाब नहीं दिया है।


