Ranchi
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को झारखंड मंत्रालय में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की विस्तृत समीक्षा बैठक की और राज्य की शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण तथा वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि झारखंड को केवल ‘माइनिंग स्टेट’ नहीं, बल्कि ‘माइंड स्टेट’ के रूप में पहचान दिलाने में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की सबसे अहम भूमिका होगी। मुख्यमंत्री ने विभागीय योजनाओं, बजट, घोषणाओं और चालू वित्तीय वर्ष की कार्ययोजना की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से समयबद्ध तरीके से योजनाओं को जमीन पर उतारने को कहा।
बैठक में सभी राज्य विश्वविद्यालयों में पीपीपी मोड पर कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) सेंटर स्थापित करने पर सैद्धांतिक सहमति बनी। मुख्यमंत्री ने गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना का लाभ अधिक से अधिक पात्र विद्यार्थियों तक पहुंचाने के निर्देश देते हुए कहा कि आर्थिक तंगी किसी भी छात्र की उच्च शिक्षा में बाधा नहीं बननी चाहिए। उन्होंने कल्याण विभाग के साथ समन्वय बढ़ाने, दुमका फ्लाइंग इंस्टीट्यूट के विद्यार्थियों को भी योजना का लाभ देने तथा छात्रवृत्ति योजनाओं का लाभ तेजी से छात्रों तक पहुंचाने पर जोर दिया।
हेमंत सोरेन ने अगले 15 दिनों के भीतर झारखंड विश्वविद्यालय सेवा आयोग और कोचिंग रेगुलेटरी अथॉरिटी को पूरी तरह कार्यरत करने का निर्देश दिया। साथ ही शैक्षणिक सत्र 2026-27 से विश्वविद्यालयों में लाइव ऑनलाइन क्लास शुरू करने, बीआईटी सिंदरी को यूनिटरी यूनिवर्सिटी के रूप में विकसित करने, नौ जिलों में तकनीकी शिक्षा क्लस्टर स्थापित करने और सभी सरकारी तकनीकी संस्थानों में रोजगारपरक व उभरती तकनीकों से जुड़े नए पाठ्यक्रम शुरू करने की दिशा में तेजी लाने को कहा। उन्होंने विश्वविद्यालयों में रिक्त पदों को भरने, छात्रावासों की स्थिति सुधारने और उच्च शिक्षा के लिए वैकल्पिक वित्तीय स्रोत विकसित करने पर भी विशेष जोर दिया।
बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को झारखंड रोबोटिक्स फेस्टिवल की शुरुआत, एआई और रोबोटिक्स आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने, जेयूपीएमआई (JUPMI) संस्थान को उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अधीन लाकर प्लानिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर मैनेजमेंट जैसे नए कोर्स शुरू करने की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की सभी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए ताकि झारखंड के युवाओं को बेहतर शिक्षा, आधुनिक कौशल और रोजगार के नए अवसर मिल सकें।
