Ranchi
निषिद्ध मादक पदार्थों के दुरुपयोग के विरुद्ध राज्यव्यापी जागरूकता अभियान का गुरुवार को राजधानी रांची के शौर्य सभागार, डोरंडा में भव्य समापन हुआ। गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और संस्थाओं को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा तैयार नशामुक्ति जागरूकता पुस्तिका का भी विमोचन किया गया।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य नशामुक्त और स्वस्थ झारखंड का निर्माण करना है। उन्होंने कहा कि नशा केवल व्यक्ति नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार युवाओं को नशे की गिरफ्त से बाहर निकालने के लिए लगातार प्रयासरत है और पिछले 15 दिनों से चल रहा जागरूकता अभियान इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि, “पढ़ोगे-लिखोगे तो बनोगे नवाब, खेलोगे-कूदोगे तो भी बनोगे नवाब, लेकिन नशा करोगे तो हो जाओगे खराब।” उन्होंने युवाओं को खेल, शिक्षा और सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने पर जोर देते हुए कहा कि नशे की समस्या वैश्विक चुनौती है, जिससे निपटने के लिए समाज और सरकार को मिलकर काम करना होगा।
कार्यक्रम में रांची की मेयर रोशनी खलखो ने कहा कि नशामुक्ति अभियान की सफलता जनभागीदारी पर निर्भर करती है और सभी के सहयोग से सुरक्षित एवं स्वस्थ झारखंड का निर्माण संभव है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार ने विद्यालयों और महाविद्यालयों में नियमित जागरूकता कार्यक्रम, जोखिमग्रस्त बच्चों की निगरानी तथा काउंसलिंग व्यवस्था को मजबूत बनाने की आवश्यकता बताई।
गृह विभाग की अपर मुख्य सचिव वंदना दादेल ने कहा कि सभी विभागों के समन्वित प्रयास और सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की सक्रिय भूमिका से यह अभियान सफल हुआ है। उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव राहुल पुरवार ने शैक्षणिक संस्थानों के आसपास नशे से जुड़ी गतिविधियों पर सख्ती और नशा मुक्ति आधारित पाठ्यक्रम शुरू करने की आवश्यकता पर बल दिया।
समारोह के दौरान नशा मुक्ति अभियान में उल्लेखनीय योगदान देने वाले सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, पर्यटन विभाग, रिनपास, एनएचएम तथा विभिन्न सामाजिक संस्थाओं से जुड़े अधिकारियों और कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया गया। झारखंड में पहली बार वित्तीय जब्ती (फाइनेंशियल सीजर) की कार्रवाई करने वाले सनोज कुमार चौधरी को भी विशेष रूप से सम्मान प्रदान किया गया।
