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पुरी स्थित Jagannath Temple की सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। सोमवार को मंदिर में बेहद महत्वपूर्ण और पवित्र ‘पतितपावन बाना’ अनुष्ठान के दौरान पवित्र नीलचक्र के ऊपर एक ड्रोन उड़ता हुआ देखा गया, जिससे श्रद्धालुओं, मंदिर सेवकों और स्थानीय लोगों के बीच चिंता बढ़ गई।
जानकारी के मुताबिक, जब ‘छुनारा’ सेवक मंदिर के शिखर पर ध्वजा बदलने और नई पताका फहराने की परंपरागत रस्म निभा रहे थे, उसी दौरान ड्रोन नीलचक्र के आसपास मंडराता रहा। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि ड्रोन कुछ समय तक मंदिर परिसर के ऊपर उड़ता रहा और बाद में कथित तौर पर डोलामंडप साही इलाके की ओर चला गया।
इस घटना ने मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि यह कोई पहली घटना नहीं है जब Jagannath Temple के आसपास ड्रोन देखा गया हो। प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र होने के बावजूद बार-बार ड्रोन की मौजूदगी सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठा रही है।
श्रद्धालुओं और सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे अनाधिकृत ड्रोन बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान बड़ा खतरा बन सकते हैं। मंदिर में हर दिन हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं और इस तरह की घटनाएं किसी बड़ी सुरक्षा चूक का संकेत मानी जा रही हैं।
ताजा घटना के बाद सुरक्षा प्रोटोकॉल को और मजबूत करने, निगरानी बढ़ाने और नो-फ्लाई जोन नियमों को सख्ती से लागू करने की मांग तेज हो गई है। प्रशासन पर अब इस लगातार सामने आ रही समस्या से प्रभावी तरीके से निपटने का दबाव बढ़ गया है, ताकि मंदिर की पवित्रता और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
