Ranchi
उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा में पेपर लीक से JSSC (झारखंड कर्मचारी चयन आयोग) ने इनकार किया है। वहीं, आयोग के अध्यक्ष ने माना है कि 15-15 लाख में डील हुई थी। आयोग ने आज प्रेस वार्ता कर बताया कि रांची पुलिस को 11 अप्रैल 2026 को गुप्त सूचना मिली कि तमाड़ थाना क्षेत्र के एक अर्द्धनिर्मित भवन में बड़ी संख्या में संदिग्ध अभ्यर्थी जमा हैं। इस सूचना के बाद विशेष टीम ने देर रात छापेमारी की।
पुलिस के पहुंचते ही वहां मौजूद 150 से अधिक लोग भागने लगे और अपने सामान छिपाने का प्रयास करने लगे। हालांकि पुलिस ने इन सभी को काबू में कर लिया। आयोग के अनुसार, उस समय वहां 164 लोग मौजूद थे, जिनमें 5 सदस्य अंतरराज्यीय सोल्वर व पेपर लीक गैंग के और 159 अभ्यर्थी शामिल थे। इन 159 आरोपी अभ्यर्थियों में 7 महिला अभ्यर्थी भी वहां मौजूद थीं।
आयोग ने जानकारी दी है कि छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से प्रिंटर, पहले से तैयार प्रश्न-उत्तर सेट, फटे हुए एडमिट कार्ड, संदिग्ध मोबाइल फोन और बैंक चेक बरामद किये हैं।
जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह के एजेंट अभ्यर्थियों से 10 से 15 लाख रुपये तक प्रति व्यक्ति लेकर उन्हें परीक्षा पास कराने का वादा कर रहे थे। इसके लिए उन्हें पहले से प्रश्न और उत्तर दिये जा रहे थे। वहीं, पीसी में मौजूद पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कई अभ्यर्थियों ने पकड़े जाने के डर से अपने मोबाइल फोन और एडमिट कार्ड गैंग के पास जमा कर दिए थे, जबकि कुछ ने भुगतान के लिए गिरोह के सदस्यों को बैंक चेक भी दिये थे।
गिरफ्तार 5 लोगों में अंतरराज्यीय सोल्वर/पेपर लीक गैंग का मुख्य सरगना अतुल वत्स भी शामिल है। वह बिहार के जहानाबाद जिले का निवासी है। पुलिस की जांच में जांच में सामने आया है कि उसका नाम पहले भी कई बड़े परीक्षा घोटालों में सामने आ चुका है। इसमें राजस्थान क्लर्क भर्ती परीक्षा (2017), NEET पेपर लीक (2024), बिहार कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर परीक्षा (2024), उत्तर प्रदेश समीक्षा अधिकारी/सहायक समीक्षा अधिकारी परीक्षा (2024) और यूपी सिपाही भर्ती परीक्षा (2024) शामिल हैं। अन्य गिरफ्तार आरोपियों का क्या आपराधिक रिकॉर्ड रहा है- इसका पता किया जा रहा है।
आज की प्रेस वार्ता में जेएसएसी के अध्यक्ष, रांची डीसी, रांची एसएसपी, सिटी एसपी रांची, ग्रामीण एसपी, रांची, जेएसएसी सचिव और अयोग के अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।
केस दर्ज, आगे की कार्रवाई जारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए JSSC के साथ समन्वय बनाकर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
तमाड़ थाना में कांड संख्या 21/26, दिनांक 12 अप्रैल 2026 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने सभी 164 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और अन्य संदिग्धों की तलाश में लगातार छापेमारी जारी है।
इसके अलावा, घटनास्थल से 8 वाहनों को भी जब्त किया गया है। यह पूरा मामला झारखंड की भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है और आने वाले दिनों में जांच और भी गहराने की संभावना है।
