Patna
पश्चिम एशिया में जारी तनावपूर्ण स्थिति के बीच बिहार सरकार ने मिडिल ईस्ट समेत अन्य राज्यों में फंसे मजदरों की सहायता के लिए बड़ा कदम उठाया है। राज्य स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित करते हुए हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं, ताकि संकट में फंसे लोग तुरंत मदद प्राप्त कर सकें।
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में आयोजित क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की बैठक में यह फैसला लिया गया। श्रम संसाधन विभाग द्वारा बनाए गए कंट्रोल रूम का फोन नंबर 0612-2520053 और व्हाट्सएप नंबर 7368855002 जारी किया गया है। इन नंबरों पर संपर्क कर श्रमिक अपनी समस्याएं साझा कर सकते हैं। साथ ही सहायता के लिए नोडल अधिकारियों की भी नियुक्ति की गई है।
बैठक में यह भी साफ किया गया कि राज्य सरकार संकट की इस घड़ी में श्रमिकों के साथ खड़ी है और हर संभव मदद सुनिश्चित की जाएगी। कंट्रोल रूम के माध्यम से शिकायतों का त्वरित निपटारा किया जा रहा है।
वहीं, बैठक में पीएनजी पाइपलाइन कार्यों की धीमी प्रगति पर भी कड़ी नाराजगी जताई गई। मुख्य सचिव ने तेल कंपनियों को निर्देश दिया कि वे मिशन मोड में काम करें और लापरवाही की स्थिति में सख्त कार्रवाई के लिए तैयार रहें।
इंडियन ऑयल, भारत गैस, हिंदुस्तान पेट्रोलियम, गेल और थिंक गैस जैसी कंपनियों द्वारा विभिन्न जिलों में दिए जा रहे पीएनजी कनेक्शनों की समीक्षा में पाया गया कि पटना और मुजफ्फरपुर को छोड़ अधिकांश जिलों में लक्ष्य के अनुरूप काम नहीं हुआ।
सरकार की ओर से नोडल विभाग को निर्देश दिया गया कि कंपनियों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और हर सोमवार को विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। साथ ही प्रमंडलीय आयुक्तों को निर्देशित किया गया कि वे ठेकेदारों और मैनपावर की उपलब्धता की जांच करें।
आयोजित बैठक में अरवल, गया, कैमूर, रोहतास, सारण और पश्चिमी चंपारण जिलों में बैकलॉग की समस्या पर भी चर्चा हुई। वर्तमान में होटलों और उद्योगों की जरूरत का करीब 70 प्रतिशत गैस आपूर्ति ही हो पा रही है।
इसके अलावा, जिलों में बनाए गए कंट्रोल रूम द्वारा शिकायतों का लगातार समाधान किया जा रहा है। पिछले पांच दिनों में करीब 800 शिकायतें प्राप्त हुईं, जबकि 22,878 सघन निरीक्षण किए गए। इस दौरान कई गैस सिलेंडर जब्त किए गए और कई मामलों में प्राथमिकी दर्ज की गई।
