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अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच एक शांति प्रस्ताव सामने आया है, लेकिन हालात अब भी बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर मंगलवार तक समझौता नहीं हुआ और होर्मुज जलडमरूमध्य नहीं खोला गया, तो गंभीर कार्रवाई की जाएगी।
सूत्रों के मुताबिक, शांति योजना दो चरणों में तैयार की गई है। पहले चरण में तुरंत युद्धविराम (सीजफायर) लागू करने की बात है, जबकि दूसरे चरण में 15 से 20 दिनों के भीतर एक व्यापक समझौता किया जाएगा। इस बीच पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति और अन्य अधिकारियों के साथ लगातार बातचीत की है, ताकि समाधान निकाला जा सके।
ईरान का रुख सख्त, शर्तें मानने से इनकार
ईरान ने साफ कर दिया है कि वह अस्थायी युद्धविराम के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत नहीं खोलेगा। साथ ही, उसने अमेरिका द्वारा तय की गई किसी भी डेडलाइन को मानने से भी इनकार कर दिया है। ईरान का कहना है कि अमेरिका स्थायी युद्धविराम के लिए तैयार नहीं दिख रहा है, इसलिए वह प्रस्ताव पर विचार कर रहा है लेकिन जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं लेगा। इस बीच मध्य पूर्व में हिंसा जारी है। अमेरिका और इजराइल की ओर से ईरान पर लगातार हमले किए जा रहे हैं, जबकि ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया है।
यह जलमार्ग दुनिया के करीब 20% तेल और गैस सप्लाई के लिए बेहद अहम माना जाता है। इसके बंद होने से वैश्विक बाजार और अर्थव्यवस्था पर असर पड़ रहा है। युद्ध में अब तक हजारों लोगों की मौत हो चुकी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान में 3500 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें कई बच्चे भी शामिल हैं। वहीं लेबनान और इजराइल में भी भारी नुकसान हुआ है। स्थिति अब भी बेहद नाजुक बनी हुई है और दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या आने वाले दिनों में कोई ठोस समझौता हो पाता है या नहीं।
