जामताड़ा के ऐतिहासिक जलसे में गूंजा नाम, इरफान अंसारी को मिला “मसीहा-ए-झारखंड” का खिताब

 

 

 हिम्मत ही मेरी ताकत”, जलसे में समर्थन से उत्साहित, जनता के हक की लड़ाई जारी रखने का ऐलान

Jamtara

जामताड़ा के गोनिडीह स्थित हुसैनी क्लब में आयोजित एक बड़े और ऐतिहासिक जलसे में भारी जनसमूह उमड़ पड़ा। इस कार्यक्रम में लाखों की संख्या में लोगों की भागीदारी देखी गई, जिसमें पुरुषों के साथ-साथ बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हुईं। खासकर पर्दानशीं माताओं और बहनों की उपस्थिति ने इस आयोजन को और अधिक विशेष बना दिया।

इस मौके पर मंच से भावुक अंदाज में कहा गया “दुआ करो कि सलामत रहे मेरी हिम्मत, ये एक चराग़ कई आंधियों पर भारी है।” इस पंक्ति के साथ वक्ता ने अपने संघर्ष और हौसले को जनता के सामने रखा और कहा कि जनता का प्यार ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है।

कार्यक्रम के दौरान कई उलेमाओं ने उन्हें “मसीहा-ए-झारखंड” की उपाधि से नवाजा। इसे उन्होंने सम्मान के साथ-साथ बड़ी जिम्मेदारी बताते हुए कहा कि वे हर वर्ग के लोगों की आवाज बनकर उनकी लड़ाई लड़ते रहेंगे।

उन्होंने हुसैनी क्लब के युवाओं शमशुल अंसारी, नासिर अंसारी तथा वरिष्ठ सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ताओं कयूम अंसारी और शमसुद्दीन अंसारी का विशेष रूप से आभार जताया, जिन्होंने इस आयोजन को सफल बनाने के लिए लगातार मेहनत की।

अपने संबोधन में उन्होंने स्पष्ट कहा कि उनके रहते किसी को सिर झुकाने की जरूरत नहीं है और सभी को सम्मान के साथ जीने का अधिकार है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें और अपने अधिकारों के लिए सजग रहें।

इस ऐतिहासिक जलसे के जरिए यह संदेश दिया गया कि झारखंड की जनता के हक और सम्मान के लिए संघर्ष आगे भी जारी रहेगा और जनता का भरोसा ही इस आंदोलन की सबसे बड़ी ताकत बना रहेगा।

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