RANCHI
सुप्रियो भट्टाचार्य ने प्रेस वार्ता कर केंद्र सरकार की नीतियों पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि रमजान, सरहुल और चैत्र नवरात्र जैसे पवित्र पर्वों के बीच देश गंभीर संकट के दौर से गुजर रहा है, जिसकी मुख्य वजह केंद्र सरकार की गलत घरेलू और विदेश नीति है।
विदेश नीति पर उठाए सवाल, अमेरिका पर भी साधा निशाना
सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि वैश्विक स्तर पर भारत की स्थिति कमजोर हुई है। उन्होंने अमेरिका की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि इतिहास गवाह है कि उसने अपनी ताकत का प्रदर्शन करने के लिए हिरोशिमा और नागासाकी जैसे कदम उठाए। ऐसे देश के साथ बढ़ते संबंधों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान हालात में भारत की विदेश नीति उलझन में है।
उन्होंने दावा किया कि लाखों भारतीय विदेशों में फंसे हुए हैं और उन्हें वापस लाने के लिए केंद्र सरकार की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है। खासकर खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों की स्थिति चिंताजनक बताई गई।
महंगाई और ईंधन संकट पर केंद्र को घेरा
झामुमो नेता ने कहा कि पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से देश की अर्थव्यवस्था और आम जनता पर भारी असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल की कीमतें और बढ़ सकती हैं, जिससे कृषि और उद्योग दोनों प्रभावित होंगे।
कोयला और एलपीजी की कमी का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि नीतिगत फैसलों के कारण आम लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। सिलेंडर के लिए लंबी कतारें लग रही हैं और कई जगहों पर विवाद की स्थिति बन रही है।
कोयला कीमत और उद्योग पर असर की चेतावनी
सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि कोयले की कीमत बढ़ने से थर्मल पावर प्लांट से बनने वाली बिजली भी महंगी होगी, जिसका सीधा असर आम जनता पर पड़ेगा। उन्होंने मांग की कि कोल इंडिया को कोयले की कीमत बढ़ाने का निर्णय वापस लेना चाहिए।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र की नीतियों से कुछ बड़े उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाया जा रहा है, जबकि आम जनता महंगाई की मार झेल रही है।
चुनाव के बाद बढ़ सकती हैं कीमतें
झामुमो प्रवक्ता ने दावा किया कि चुनावी प्रक्रिया समाप्त होने के बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है। उन्होंने कहा कि इसका सीधा लाभ बड़े कॉरपोरेट घरानों को मिलेगा। सुप्रियो भट्टाचार्य ने केंद्र सरकार से अपील की कि वह आम जनता की परेशानियों को ध्यान में रखते हुए नीतियों में सुधार करे, ताकि देश को आर्थिक और सामाजिक संकट से बाहर निकाला जा सके।
